सावधान! स्मार्टफोन के अंधेपन से बचा सकते हैं आपको ये 5 टिप्स!

Posted by:

आजकल हर कोई स्मार्टफोन व कंप्यूटर का इस्तेमाल करता है। दिन में कई-कई घंटों तक स्मार्टफोन पर काम करते हुए या टीवी देखने से आँखें दर्द होती हैं और इसका आँखों पर बुरा असर भी हो सकता है। इसीलिए घर पर हमें कई बार टोका भी जाता है कि टीवी के अधिक पास नहीं बैठना चाहिए।

ये प्रोजेक्टर फोन आ सकते है आपके काम
कल तक जहाँ हम केवल टीवी स्क्रीन्स पर सीमित थे वहीं आज इस टेक्नोलॉजी की दुनिया में, स्मार्टफोन, टेबलेट, लैपटॉप, गेमिंग गैजेट्स आदि भी लाइफ का एक एहम हिस्सा बन गया है। दिन का अधिकतर समय इन गैजेट्स पर बीतता है। जो कि हमारी आँखों के लिए बहुत अच्छा नहीं है।

आपके जीवन को रोमांच से भर देंगे ये कमाल के गैजेट्स..!!

तो अपनी आँखों को हम इन सब से कैसे बचा सकते हैं..? इस परेशानी का हल अब यहाँ है। नीचे दिए स्लाइडर में देखें आप कैसे इन गैजेट्स का आँखों पर बुरा असर कम कर सकते हैं।

लेटेस्ट टेक अपडेट पाने के लिए लाइक करें हिन्‍दी गिज़बोट फेसबुक पेज

टिप्स: 1

अपना डिवाइस प्रयोग करते हुए डिस्प्ले की ब्राइटनेस को एडजस्ट करें।

टिप्स: 2

स्मार्टफोन व कोई भी अन्य डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए डिवाइस को आँखों से थोड़ी दूरी पर रखें।

टिप्स: 3

इस नियम के मुताबिक स्क्रीन पर लगातार 20 मिनट तक काम करते रहने के बाद करीब 20 सेकंड ब्रेक लें,जिसमें स्क्रीन से कम से कम 20 फीट दूर रहे।

टिप्स: 4

स्मार्टफोन पर रीडिंग ग्लास व प्रोटेक्टिव कोटिंग का प्रयोग करें। इससे आँखों पर कम असर होगा।

टिप्स: 5

रिसर्च के अनुसार, स्क्रीनपर काम करते हुए बार बार आँखें बंद करते हैं, इससे आँखों में ड्राईनेस नहीं होगी।


लेटेस्ट टेक अपडेट पाने के लिए लाइक करें हिन्‍दी गिज़बोट फेसबुक पेज

English summary
These days almost everyone uses gadgets. Gadgets like laptop, computer, smartphones, tablets, which can harm our eyes. After spending half of our time on them we fee pain in our eyes. so Here is how you can protect your eyes while using smartphones
Please Wait while comments are loading...
जिस पुलिसवाले का शोभा डे ने उड़ाया था मजाक, अब बदलेंगे उसके दिन
जिस पुलिसवाले का शोभा डे ने उड़ाया था मजाक, अब बदलेंगे उसके दिन
अमेठी: शाम तक मनाते रहे अधिकारी लेकिन कोई वोट डालने नहीं आया
अमेठी: शाम तक मनाते रहे अधिकारी लेकिन कोई वोट डालने नहीं आया
Opinion Poll

Social Counting