मेगापिक्‍सल के भ्रम में न पड़ें?

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आजकल पूरी दुनियां मेगापिक्‍सल पर घूम रही है जहां देखों मेगापिक्‍सल की बात होती है। पिक्‍सल एक ऐसा शब्‍द है जो हर जगह सुनने को मिल जाता है फिर चाहे आप मोबाइल खरीदें, लैपटॉप या फिर कोई भी स्‍क्रीन, कंपनियां भी अपने गैजेटों में हाई पिक्‍सल क्‍वालिटी का बखान करती रहती है, लेकिन ज्‍यादा पिक्‍सल होने का मतलब ये नहीं है कि आपकी स्‍क्रीन में सभी चीजे साफ दिखेगी।

मेगापिक्‍सल के भ्रम में न पड़ें?

चलिए इसके बारे में थोड़ा विस्‍तार पूर्वक बातें करते हैं। जब भी हम टीवी या फिर अपने मोबाइल पर कोई फोटो देखते हैं तो वो कई छोटे-छोटे एलीमेंट से बनी हुई होती है। ढेर सारे एलीमेंट मिलकर एक तस्‍वीर का निर्माण करते हैं। इन्‍हीं एलीमेंट यानी बिंदुओं को हम पिक्‍सल कहते हैं अब ये एलीमेंट जितने ज्‍यादा होंगे हमारी फोटो उतनी की साफ और क्‍लियर व्‍यू देगी।

लेकिन इसके लिए अच्‍छी स्‍क्रीन का होना बेहद जरूरी है अच्‍छी स्‍क्रीन यानी वो स्‍क्रीन जिसका रेज्‍यूलूशन अच्‍छा हो, जितना अधिक रेज्‍यूलूशन होगा उतनी की साफ तस्‍वीर दिखाई देगी। कुल मिलाकर क्लियर व्‍यू के लिए अच्‍छे पिक्‍सल के साथ-साथ अच्‍छा रेज्‍यूलूशन भी होता चाहिए। तो अब अगली बार जब भी लैपटॉप या फिर मोबाइल फोन लेने जांए तो मेगापिक्‍सल के साथ-साथ डिवाइस का रेज्‍यूलूशन भी देखें।

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