तो क्या आपकी नींद भी ख़राब कर रहे हैं स्मार्टफोन?

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यदि आपसे पूछा जाए कि आप कब से एक अच्छी नींद नहीं सोए हैं, तो आपका जवाब क्या होगा? काफी दिनों से, या काफी लंबे समय से? बच्चे की नींद सबसे अच्छी होती है, बिना किसी चिंता बिना किसी परेशानी की, निश्चिंत नींद। जो कि आज के समय में थोड़ी मुश्किल है। चिंताओं नहीं बल्कि स्मार्टफोन के कारण।

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तो क्या आपकी नींद भी ख़राब कर रहे हैं स्मार्टफोन?

यह तो हम सभी जानते हैं कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल आज कितना अधिक हो गया है। कई लोग तो टॉयलेट और बाथरूम में भी फोन नहीं छोड़ते। वहीं हम में से लगभग हर दूसरे इंसान की आदत होती है रात को सोने से पहले तक फोन पर लगे रहना। जो कि बिलकुल भी सही नहीं, ऐसा ही घर पर सभी बुजुर्ग लोग कहते हैं। लेकिन कोई सुने तब न।

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स्मार्टफोन का इस्तेमाल जितना अधिक जरुरी है उतना ही जरुरी उससे दूरी बनाए रखना भी। खासकर सोते हुए, बिस्तर पर। यदि आपको एक अच्छी नींद चाहिए तो जरा फोन से थोड़ा दूर रहें। यह ही है जो आपकी नींद का सबसे बड़ा दुश्मन है। जानते हैं क्यों?

तो क्या आपकी नींद भी ख़राब कर रहे हैं स्मार्टफोन?

स्मार्टफोन से निकलने वाली नीली रौशनी
स्मार्टफोन या टैबलेट की चमक कम रखने और इस्तेमाल करते समय चेहरे से कम से कम 14 इंच की दूरी पर रखने से मैलेटोनिन हस्तक्षेप और निंद्रा बाधा की संभावना कम हो जाती है। मैलेटोनिन एक प्रकार का हार्मोन है जो सोने-जागने के स्वाभाविक चक्र को नियंत्रित करता है।

English summary
Are smartphone affecting your sleep? Read more in hindi.
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