सस्ते हाइड्रोजन ईंधन से चलेगी कार

एक नई प्रौद्योगिकी के जरिए ऐसे सस्ते हाइड्रोजन ईंधन बनाने का रास्ता साफ हुआ है, जिससे कारों, ट्रकों और रेलगाड़ियां चलाई जा सकती हैं। सौर ईंधन उत्पादन में अभी तक की समस्या, धूप संरक्षण के लिए अर्धचालकों और ईंधन बनाने के उत्प्रेरकों की ऊंची उत्पादन लागत है।

ईंधन उत्पादन की प्रभावी समाग्रियां बहुत महंगी हैं। यह जो कि गैसोलीन को टक्कर दे सकता है। इस नए तरीके में शाधकर्ताओं ने पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों को अलग करने के लिए सस्ते ऑक्साइड आधारित संयुक्त सामग्री का प्रयोग किया और सौर ऊर्जा का प्रयोग करते हुए हाइड्रोन 1.7 फीसदी क्षमता में रूपांतरित किया जो कि किसी भी ऑक्साड आधारित फोटोइलेक्ट्रोड प्रणाली के लिए सर्वोच्च स्तर है।

युनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मेडिसन में रसायन विज्ञान में प्रोफेसर क्योंग शिन चोय ने बताया, "सौर ईंधन के उत्पादन के लिए आर्थिक रूप से वाणिज्यिक रूप से व्यावाहारिक उपकरण बनाने के क्रम में सामग्री और प्रसंस्करण की कीमत कम होनी चाहिए।

सस्ते हाइड्रोजन ईंधन से चलेगी कार

चोय ने अकार्बनिक यौगिक बिसमुट वैनेटेड से सौर बैटरी बनाई। चोय ने बताया, "हमने बिना आधुनिक उपकरणों, उच्च तापमान और उच्च दबाव के बिना छोटे-छोटे कणों का एक नैनोपोरस अर्धचालक बनाया है जिसके पास उच्च सतह क्षेत्र है।" अधिक सतह क्षेत्र का मतलब अधिक संपर्क क्षेत्र और अधिक पानी का अलगाव।

उन्होंने बताया कि लौह ऑक्साइड, बिस्मुट वेनेडेट के साथ अच्छा जंक्शन बनाती है और निकिल ऑक्साइड पानी के साथ एक अच्छा इंटरफेस उत्प्रेरक बनाती है। इसलिए हम इन दोनों के साथ प्रयोग करते हैं। साइंस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि यह सस्ते फोटोइलेक्ट्रोड प्रणाली के निर्माण का परिणाम है।

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