SIR के नाम पर बड़ा फ्रॉड: वोटर लिस्ट अपडेट बन सकती है मुसीबत; कैसे रहें सेफ?
भारत में इन दिनों SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के नाम पर एक बड़ा साइबर फ्रॉड चल रहा है। अगर आपके पास भी चुनाव आयोग का अधिकारी बनकर वोटर लिस्ट अपडेट करने या नाम कटने का डर दिखाने वाला कोई कॉल आए, तो सावधान हो जाएं। ठग अब चुनावी प्रक्रिया का फायदा उठाकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं।
क्या है SIR फ्रॉड? दरअसल, इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर जानकारी वेरीफाई करते हैं। साइबर अपराधी इसी प्रक्रिया की आड़ में लोगों को कॉल कर रहे हैं। वे खुद को चुनाव अधिकारी बताते हैं और कहते हैं कि आपका नाम वोटर लिस्ट से कटने वाला है या आपका वोटर आईडी अपडेट होना है।

ठगी का तरीका
फर्जी कॉल: ठग आपको कॉल करके डराते हैं कि अगर आपने अभी वेरीफाई नहीं किया, तो आपका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा।
APK फाइल का जाल: वे आपको व्हाट्सएप पर 'SIR.apk' या इसी नाम से मिलती-जुलती कोई फाइल भेजते हैं और उसे डाउनलोड करने को कहते हैं। यह एक मैलवेयर होता है जो आपके फोन का पूरा कंट्रोल ठगों को दे देता है।
OTP की मांग: कई मामलों में ठग फॉर्म भरने के बहाने आपके फोन पर आया OTP मांगते हैं। जैसे ही आप OTP बताते हैं, आपके बैंक अकाउंट से पैसे उड़ा लिए जाते हैं।
कैसे रहें सेफ?
OTP शेयर न करें: चुनाव आयोग का कोई भी अधिकारी फोन पर ओटीपी नहीं मांगता।
अनजान लिंक/फाइल से बचें: व्हाट्सएप या एसएमएस पर आए किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल (जैसे SIR.apk) को डाउनलोड न करें।
आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें: वोटर आईडी से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (eci.gov.in) या 'Voter Helpline App' का ही इस्तेमाल करें।
शिकायत करें: अगर आपके साथ ऐसा कोई फ्रॉड हो, तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें। चुनावी जानकारी के लिए आप 1950 पर भी संपर्क कर सकते हैं।


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