लैपटॉप हमेशा चार्जिंग पर रखना सही है या गलत? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
अगर आप वर्क फ्रॉम होम करते हैं, घंटों तक गेमिंग करते हैं या कॉलेज असाइनमेंट के लिए लैपटॉप का लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं, तो यह सवाल जरूर दिमाग में आता होगा कि क्या लैपटॉप को लगातार चार्जिंग पर रखना बैटरी को खराब करता है?
ऑनलाइन वायरल पोस्ट्स और मिथ्स के बीच एक्सपर्ट्स ने अब इस पर साफ जवाब दिया है कि आधुनिक लैपटॉप में ऐसा कोई खतरा नहीं होता, अगर आप कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखें।

क्या लगातार चार्जिंग से खराब होती है बैटरी?
इंटरनेट पर हाल ही में एक पोस्ट वायरल हुई जिसमें एक यूज़र ने लिखा कि लगातार चार्जिंग पर लैपटॉप रखने से उसकी बैटरी "जल" गई। इस पर कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या सच में ऐसा होता है। टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज के आधुनिक लैपटॉप्स में पावर मैनेजमेंट सिस्टम बहुत स्मार्ट हो चुके हैं।
जब आपका लैपटॉप 100% चार्ज हो जाता है, तब चार्जिंग अपने आप रुक जाती है और सिस्टम सीधा AC पावर (एडेप्टर की बिजली) पर काम करने लगता है, बैटरी का इस्तेमाल नहीं करता।
बैटरी ओवरचार्ज नहीं होती
- हीट जेनरेशन कम होता है
- और सिस्टम सीधे बिजली पर रन करता है।
- यानी बार-बार बैटरी डिस्चार्ज-चार्ज करने से जो नुकसान होता है, वो लगातार चार्जिंग में नहीं होता।
क्या है बैटरी साइकिल?
- बैटरी की लाइफ चार्जिंग के टाइम पर नहीं उसके चार्ज साइकिल्स पर निर्भर करती है।
- एक साइकिल का मतलब 0% से 100% तक एक पूरा चार्ज होता है।
- अगर आप लैपटॉप को लगातार प्लग-इन रखते हैं, तो बैटरी कम साइकिल्स में चलती है और उसकी नेचुरल वेयर एंड टियर धीमी होती है।
- एक यूज़र ने Reddit पर लिखा कि ड्रेनिंग और चार्जिंग साइकिल बनाती है, लेकिन प्लग-इन रहने से बैटरी कम वियर होती है।
क्या बैटरी स्वेलिंग (फूलना) का खतरा?
कुछ लोगों ने बैटरी स्वेलिंग की शिकायत की है, लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह ज्यादातर पुराने लैपटॉप्स या हीटेड डिवाइस में होता है। इसके मुख्य कारण होते हैं।
- ज्यादा गर्मी या खराब वेंटिलेशन
- ओवरहीटेड गेमिंग
- सस्ता या खराब चार्जर इस्तेमाल करना
हालांकि आज के लैपटॉप्स में थर्मल और वोल्टेज प्रोटेक्शन सेंसर लगे होते हैं जो बैटरी को ओवरहीटिंग से बचाते हैं।
स्मार्ट चार्जिंग फीचर्स से मिलती है सुरक्षा
Apple, Dell, HP, Lenovo और Asus जैसी कंपनियां अब अपने लैपटॉप्स में स्मार्ट चार्जिंग फीचर्स देती हैं, जिनसे बैटरी की उम्र बढ़ती है ।
- चार्जिंग लिमिट सेट करें: कई ब्रांड्स 80% या 90% तक चार्ज रोकने का ऑप्शन देते हैं।
- स्मार्ट चार्जिंग मोड: यह आपके इस्तेमाल का पैटर्न सीखता है और उसी के हिसाब से चार्ज करता है।
- हीट कंट्रोल चार्जिंग: ज्यादा तापमान पर चार्जिंग स्लो कर दी जाती है ताकि बैटरी सुरक्षित रहे।
भारतीय यूजर्स के लिए सही चार्जिंग टिप्स
डेस्क पर काम के दौरान प्लग-इन रखें
लगातार चार्जिंग से चार्ज साइकिल्स कम होती हैं, जिससे बैटरी हेल्दी रहती है।
बैटरी को 0% तक गिरने न दें
डीप डिस्चार्ज लिथियम-आयन सेल्स को डैमेज कर देता है।
चार्जिंग लिमिट फीचर एक्टिव करें
अगर आपका लैपटॉप सपोर्ट करता है तो 80% लिमिट सेट करें।
हीट से बचाएं
लैपटॉप को बेड या कुशन पर रखकर चार्ज न करें, इससे वेंटिलेशन ब्लॉक होता है।
गेमिंग या वीडियो एडिटिंग करते वक्त अनप्लग करें
हाई हीट जेनरेटिंग टास्क के दौरान बैटरी को रिलैक्स करना बेहतर रहता है।
लैपटॉप चार्जिंग पर रखना सुरक्षित
अगर आपका लैपटॉप मॉडर्न है और उसमें पावर मैनेजमेंट सिस्टम सही काम कर रहा है, तो लगातार चार्जिंग पर रखना बिल्कुल सुरक्षित है। असल नुकसान तब होता है जब आप लैपटॉप को बहुत गर्म माहौल में इस्तेमाल करते हैं या बैटरी को बार-बार फुल डिस्चार्ज करते हैं।
इसलिए अगली बार जब कोई कहे कि "लैपटॉप हमेशा चार्ज पर रखना गलत है तो आप जान लीजिए, असल में सही तरीका वही है, बस हीट और बैटरी लिमिट का ध्यान रखें!


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