हिंदी प्रेमियों के लिए आई मूषक
हिंदी प्रेमियों के लिए खुशखबरी है क्योंकि अब हिन्दी प्रेमियों के लिए पूरी तरह हिन्दी में काम करने वाली सोशल नेटवर्किंग साइट आ रही है। दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन में शामिल होने वाले पुणे के अनुराग गौड़ एवं उनके साथियों ने यहां ट्विटर की ही तर्ज पर पूरी तरह से हिंदी में काम करने वाली मूषक सोशल नेटवर्किंग साइट अपने देशवासियों और हिंदी प्रेमियों के लिए प्रस्तुत कर दी है।
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हिंदी सोशल नेटवर्किंग साइट मूषक के सीईओ अनुराग गौड़ की माने तो स्मार्टफोन पर उनकी इस सोशल नेटवर्किंग साइट मूषक को डाउनलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर जाना होगा। साथ ही कम्प्यूटर पर इसे गूगल सर्च में डब्लूडब्लूडब्लू डॉट मूषक डॉट इन के नाम से खोजा जा सकता है।
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उन्होंने आगे कहा कि आज के डिजिटल युग में बदलती तकनीक के साथ हिंदी को लोगों से परिचित कराना होगा, ताकि लोग रोमन लिपि से पिछड़कर अपनी पहचान ना खो दें। आपको बताते चले कि जहां ट्विटर पर शब्दों की समय सीमा 140 शब्द हैं, वहीं मूषक पर इसे 500 रखा गया है।

गौड़ के अनुसार, भाषा वैज्ञानियों का विचार है कि जो भाषा हम बोलते है और जानते हैं, उसे थोड़े प्रयत्नों से ही सरलता से लिखना सीख जाते हैं। गौड़ ने कहा कि मूषक का उद्देश्य हिंदी और देवनागरी को आज की पीढ़ी के लिए सामयिक और प्रचलित करना है। इस साइट पर हिंदी भाषी रोमन में टाइप करने से वहीं तत्काल हिंदी शब्द का विकल्प पा सकेंगे।
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एक अन्य सवाल के जवाब में ‘मूषक' के सीईओ ने कहा कि ट्विटर, फेसबुक सरीखे सोशल नेटवर्किंग साइट्स, जिसे हमारे नेताओं, अभिनेताओं और प्रतिष्ठित लोगों ने जोर-शोर से अपनाया है, वहां प्राथमिकता अंग्रेजी भाषा को दी जाती है और उसे ही देश की आवाज समझा जाता है। हिन्दी दोयम दर्जे की मानी जाती है। उन्होंने कहा कि मूषक द्वारा हम इस प्रक्रिया को सही मायनों में गणतांत्रिक बनाना चाहते हैं, जहां गण की आवाज गण की भाषा में ही उठे।


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