सरकार का खास हथियार; अब Fake कॉल और मैसेज पकड़ना हुआ बेहद आसान, जानें कैसे करें रिपोर्ट
आज के समय में सबसे बड़ी डिजिटल चुनौती फर्जी कॉल और ठगी वाले मैसेज ़है। हर दिन लाखों लोग ऐसे साइबर फ्रॉड का शिकार बन रहे हैं, जिनमें बैंकिंग या सरकारी संस्था के नाम पर धोखाधड़ी होती है। लेकिन अब भारतीय सरकार ने इसके खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। अब आप कुछ ही क्लिक में फर्जी कॉल और मैसेज की रिपोर्ट कर सकते हैं, और सरकार खुद उस नंबर को ब्लॉक कर देगी।

'संचार साथी' पोर्टल- आपका डिजिटल सुरक्षा कवच
सरकार ने Sanchar Sathi Portal और उसका मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जो आम नागरिकों को मोबाइल फ्रॉड से बचाने के लिए बनाया गया है। इस ऐप में एक खास सेक्शन है।'Chakshu', जिसके जरिए आप किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
जैसे ही आप किसी संदिग्ध कॉल या मैसेज की रिपोर्ट करते हैं, उस नंबर की जांच शुरू हो जाती है। यदि कॉल या संदेश धोखाधड़ी से जुड़ा पाया जाता है, तो वह नंबर पूरे देश में ब्लॉक कर दिया जाता है। इस कदम से न केवल आपको बल्कि लाखों अन्य यूजर्स को भी सुरक्षा मिलती है।
फर्जी कॉल पहचानने का आसान तरीका
अब सरकार ने फर्जी कॉल पहचानने के लिए भी एक नया सिस्टम लागू किया है। बैंकिंग, इंश्योरेंस और फाइनेंशियल सर्विस से जुड़ी असली कॉल्स अब केवल '160' सीरीज़ वाले नंबरों से ही आएंगी।
इसका मतलब है कि अगर आपको किसी बैंक या इंश्योरेंस कंपनी की कॉल आती है, लेकिन नंबर 160 से शुरू नहीं होता, तो सावधान रहें! वह कॉल लगभग तय रूप से फर्जी है।
यह नई सीरीज लोगों को ठगों से बचाने के लिए शुरू की गई है, क्योंकि अक्सर स्कैमर्स असली कंपनियों के नाम पर झूठी कॉल्स करके OTP या बैंक डिटेल्स मांगते हैं।
असली और नकली SMS में फर्क कैसे करें?
सरकार ने फर्जी मैसेज की पहचान करने का भी एक स्मार्ट तरीका बताया है। किसी भी असली SMS के अंत में आपको एक Sender ID कोड दिखेगा, जो डैश (-) के बाद एक अक्षर से समाप्त होता है - जैसे -S, -G या -P। इनमें हर कोड का मतलब अलग है।
- -S (Service): यह बताता है कि मैसेज किसी बैंक, मोबाइल ऑपरेटर या आपके द्वारा उपयोग की जा रही किसी सर्विस से जुड़ा है।
- -G (Government): यह कोड सरकारी योजनाओं या विभागीय नोटिफिकेशन से जुड़ा होता है।
- -P (Promotion): इसका मतलब यह है कि मैसेज किसी प्रमाणित कंपनी या संस्था की ओर से प्रमोशनल उद्देश्यों के लिए भेजा गया है।
अगर आपको ऐसा SMS मिले जिसमें कोई Sender ID नहीं हो या अनजान नंबर से आया हो, तो समझ लीजिए कि यह फर्जी या संभावित रूप से धोखाधड़ी वाला मैसेज है।
क्यों खतरनाक हैं ऐसे फर्जी मैसेज
साइबर अपराधी अक्सर ऐसे मैसेज भेजते हैं जो दिखने में बिल्कुल असली लगते हैं, जैसे आपका बैंक अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा या ₹5000 का रिवार्ड पाने के लिए लिंक पर क्लिक करें।
इनमें दिए गए लिंक अक्सर मैलवेयर ऐप या फर्जी वेबसाइट पर ले जाते हैं, जो आपके फोन का डेटा चुरा लेते हैं।
एक बार आप लिंक पर क्लिक कर दें या कोई ऐप डाउनलोड कर लें, तो हैकर्स को आपके फोन तक पहुंच मिल जाती है। वे आपके बैंक अकाउंट, गैलरी, और व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच सकते हैं और फिर फ्रॉड ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।
खुद को कैसे रखें सुरक्षित?
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- 160 सीरीज़ वाले नंबरों से आने वाली कॉल्स पर ही भरोसा करें।
- फर्जी मैसेज को तुरंत 'Chakshu' पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
- किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसके रिव्यू और परमीशन्स चेक करें।
- अपने बैंक और मोबाइल नंबर को आधार से सुरक्षित तरीके से लिंक रखें।
सरकार का यह कदम डिजिटल फ्रॉड को रोकने की दिशा में एक बड़ा सुधार है। 'Sanchar Sathi' और 'Chakshu' जैसे प्लेटफॉर्म आम नागरिकों को तकनीक की मदद से साइबर ठगी के खिलाफ सशक्त बना रहे हैं।
अब जरूरत है जागरूकता की, ताकि हर यूजर समझदारी से पहचान सके कि कौन-सी कॉल या मैसेज असली है और कौन-सी जालसाजी। क्योंकि अब फर्जी कॉल या मैसेज से बचाव की चाबी आपके हाथ में है!


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