डाउनलोड किया App कहीं नकली तो नहीं, ऐसे पहचानें
हम जैसे ही नया फ़ोन लेते हैं तो तुरंत ही कई सारे एप डाउनलोड करने लग जाते हैं, जैसे कोई गेम, मैसेजिंग एप या फोटो एप। लेकिन यह जरुरी नहीं है कि जो एप आप डाउनलोड कर रहे हैं वह ऑरिजनल ही हो। हाल ही में ऐसी बहुत सी घटनाएं सामने आयी है, जिससे यहाँ पता चला है कि Google Play Store पर कई ऐसे एप हैं जो नकली है और जिन्हे अपने फ़ोन में इनस्टॉल करने से आपके फ़ोन में वायरस या फ़ोन हैक भी हो सकता है।
इंटरनेट से जुड़ी हर चीज में कहीं न कहीं कोई समस्या जरूर होती है, आपको इस बात को मानकर ही चलना चाहिए। हाल की इन घटनाओं से इतना सबक तो ले सकते हैं कि आप असली व नकली एप में कैसे पहचान कर पाएं। दरअसल किसी के लिए भी ये जानना कोई बहुत मुश्किल नहीं होता, केवल आपको थोड़ी सी जानकारी और सतर्कता की जरूरत होती है।

जानते हैं ऐसे कुछ तरीके जिनकी मदद से आप किसी भी नकली एप को पहचान सकते हैं और अब से किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले इन बातों का ध्यान जरूर रखें।
1. एप डेवेलपर के बारे में पूरी जानकारी लें
किसी भी एप में सबसे ऊपर उसके डेवेलेपर का नाम दिया होता है। तो उसके बारे में एकबार गूगल सर्च से उसकी जानकारी लें कि उसके द्वारा चलाई जा रही वेबसाइट कितनी ऑथेंटिक है। इससे आपको एप व डेवेलपर के बारे में पूरी जानकारी भी मिल जाएगी, जिससे एप के फेक या रीयल होने का पता आप लगा सकते हैं। रीयल डेवेलपर्स की वेलिड वेबसाइट व अन्य जानकारी इंटरनेट पर आपको आसानी से मिल जाएगी।
2. एप रिव्यूज पढ़ें
किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले आपको उन रिव्यूज को जरूर पढ़ना चाहिए। ये रिव्यूज काफी मददगार होते हैं, वहीं अगर आपको एप को लेकर कोई भी शक है तो आप इंटरनेट पर पहले इसकी अन्य जानकारियां जरूर लें। अगर वो कोई नकली एप है तो किसी न किसी यूजर द्वारा इसकी जानकारी रिव्यू में जरूर दी गई होगी। वहीं एप की रेटिंग द्वारा भी ये बात जानी जा सकती है।
3. जेन्यूइन डेवलपर
किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले उसके डेवलपर के बारे में जान लें। अगर उस एप का डेवलपर जेन्यूइन है तो उसके बार आप गूगल पे सर्च करके इनफार्मेशन पा सकते हैं।
4. एप कितना लोकप्रिय है
अगर आपको यह पता करना है कि आप जो एप डाउनलोड कर रहें हैं वह कितना ऑरिजिनल हैं। तो सबसे पहले तो यह देखे कि कितने लोगों ने उसे डाउनलोड किया है। अगर डाउनलोड करने वालों की संख्या कम है तो यानी कि वह एप फेक या नकली है।

5. रिव्यू पढ़ें
अगर आपको एप के बारे में सब कुछ ठीक लग रहा है, सारी डिटेल्स सही हैं और आपने रिव्यु भी पढ़ें हैं। तो एक बार फिर सोच लें। क्योंकि अगर एप फेक हो सकता है तो रिव्यु भी फेक हो सकते हैं।
6. पब्लिश डेट
एप के पब्लिश डेट से भी उसके रीयल व फेक होने का पता चल सकता है। किसी भी फेक एप पर आपको रीसेंट (recent ) डेट मिलेगी, जबकि रीयल एप पर ‘updated on' तारीख का ब्यौरा मिलेगा। इसलिए एप को फोन में डाउनलोड करने से पहले उसकी तारीख को भी जरूर चेक करें।
7. रिपोर्ट करें
अगर आपको यह पता चल जाता है कि कोई एप फेक या नकली है तो उसकी रिपोर्ट कर दें। इसके लिए आपको पेज स्क्रॉल करके नीचे ले जाएँ और "Flag as Inappropriate पर क्लिक करें। उसके बात उसका कारण बताएं और सबमिट कर दें।


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