UPI ट्रांजैक्शन में सबसे आगे Paytm, Google Pay और PhonePe को छोड़ा पीछे
इस वक्त हमारे देश में आम चुनावों के शोर चारों तरफ सुनाई दे रहे हैं। कुछ दिनों के बाद लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और कुछ महीनों के बाद देश में नई सरकार बनने वाली है। इस वजह से सत्ताधारी पार्टी अपनी उपलब्धियां गिनाने में लगी है तो वहीं विपक्षी पार्टियां सरकार की नाकामियों को उजागर करने में लगी हुई है।

हालांकि इस चुनावी जंग में चाहे कुछ भी हो लेकिन वर्तमान मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान पिछले साढ़े चार साल में एक बड़ा बदलाव तो जरूर आया है। उस बदलाव का नाम है डिजिटल क्रांति। हालांकि अभी भी इस क्रांति का असर भारत के कई ग्रामिण और छोटे शहरी इलाकों में नहीं पहुंच पाया है लेकिन फिर भी काफी बदलाव और जागरुकता जरूर आई है।
डिजिटल बना इंडिया
इंटरनेट रेट सस्ता होने के साथ-साथ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का क्रेज लोगों के सर चढ़कर बोल रहा है। आज से करीब 5-7 पहले ज्यादातर लोगों को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के बारे में कुछ भी नहीं मालूम था लेकिन अब ज्यादातर लोग इसके बारे में जानने लगे हैं। हालांकि ज्यादातर लोग अभी भी इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं लेकिन जानने के उत्सुक तो जरूर है। लिहाजा इससे कतई इंकार नहीं किया जा सकता है कि पेटीएम, फोन पे, गूगल पे जैसी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म का लोग खूब इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का क्रेज बढ़ा
भारत जैसी बड़ी आबादी वाले देश में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की तरफ बढ़ते लोगों के झुकाव का फायदा कई देशी-विदेशी कंपनियां उठा रही है। इस रेस में फिलहाल सबसे आगे भारत की ही कंपनी पेटीएम है। जिसके बाद गूगल की कंपनी गूगल पे और फिर फोन पे है। आइए आपको बताते हैं कि कैसे पेटीएम अभी तक इस रेस में सबसे आगे दौड़ रही है।
पेटीएम आज के समय में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ऐप है। इस एक ऐप से हम सारे काम आसानी से कर सकते हैं। ट्रांजैक्शन को लेकर भी यह ऐप सबसे सुरक्षित ऐप्स में से एक है। यही कारण है कि देश की सबसे बड़ी वॉलेट कंपनी पेटीएम ने जनवरी महीने में यूपीआई (Unified Payments Interface) के जरिए होने वाली ट्रांजैक्शन में पहला स्थान हासिल कर लिया है। बता दें, पेटीएम पर सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन यूपीआई के जरिए हुई हैं। वहीं, ईटी की रिपोर्ट से पता चलता है कि जनवरी महीने में पेटीएम पर यूपीआई के जरिए 22.1 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज की गई। जिसके चलते पेटीएम नंबर वन स्थान पर है।
बता दें, नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने भी ओवरऑल यूपीआई ट्रांजैक्शन के आंकडें सबसे सामने पेश किए हैं। जिसके मुताबिक जनवरी में कुल मिलाकर यूपीआई के जरिए 67.2 करोड़ की ट्रांजैक्शन हुई है। वहीं दिसंबर में यह आंकड़ा 62 करोड़ था। सभी प्लेटफॉर्मों ने अब अपने प्लेटफॉर्म पर यूपीआई जोड़ दिया है जिसके बाद लगातार इस मीडियम के जरिए ट्रांजैक्शन बढ़ रहा है। यूपीआई को ऐप्स से जोड़ने के बाद यूजर्स को इसका काफी फायदा पहुंच रहा है। जिसके चलते लोग कुछ ही समय में अपने बिल्स का भुगतान करते हैं।


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