इन ऐप्स की मदद से घर बैठे करें अपने बच्चों को पढ़ाने की प्लानिंग
आजकल महंगाई दिन-प्रतिदिन आसमान छूते जा रही है। रोजमर्रा के खर्चें अब पहले से कई गुना ज्यादा हो चुके हैं लेकिन आमदनी में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में घर के मुखिया के लिए परिवार को चलाना आजकल एक बड़ी परेशानी की वजह बन गया है। आमतौर पर एक आम इंसान की जिंदगी में खाना-पीना, घर, स्वास्थ्य और शिक्षा का मुख्य खर्चा होता है। हालांकि जिनके पास अतिरिक्त खर्च के लिए पैसे हैं, उनके पास इससे भी ज्यादा खर्चे होते हैं, लेकिन मुख्य तौर पर ये चार खर्च तो सभी लोगों के पास होता है।

पुराने जमाने में गरीब लोग अपने इन जरूरी खर्चों में कुछ चीजों पर खर्च नहीं कर पाते थे, क्योंकि उनके पास पैसों की कमी होती थी। अब खाना-पीना, घर तो जीने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। वहीं स्वास्थ्य संबंधी खर्च भी जरूरत पड़ने पर लोग किसी ना किसी तरह करते ही थे। इन सबके बाद शिक्षा का नंबर आता है, जिसे पुराने गरीब लोग पैसे होने पर पूरा करते थे वरना छोड़ देते थे। इसी वजह से आज हमारे देश का औसत शिक्षा दर सिर्फ 74.04% है। एक आंकड़ों के अनुसार साल 2001 से 2011 के बीच भारत के शिक्षा दर में सिर्फ 9.02% की वृद्धि हुई है। इतनी कम शिक्षा दर और उसके बढ़ने की इतनी धीमी गति का कारण शिक्षा को कम महत्व देना है।
स्मार्टफोन से करें शिक्षा की प्लानिंग
हालांकि अब जमाना बदल रहा है। अब लोगों की सोच भी बदल रही है। अब लोग सोचने लगे हैं कि रोटी, कपड़ा, मकान और स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा भी काफी जरूरी है। लिहाजा अब अमीर और या गरीब हर इंसान अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा मुहैया कराने के बारे में सोचता है। अमीर लोग तो अपने बच्चों को महंगे स्कूल, कॉलेज और विदेशों में भेजकर शिक्षा दिलवा देते हैं लेकिन गरीब लोगों के लिए इच्छा होने के बावजूद बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो जाता है।
शिक्षा में निवेश करना तो काफी अच्छा होता क्योंकि भविष्य में आपको उसका काफी फायदा मिलेगा लेकिन आजकल शिक्षा के लिए भी निवेश यानि इन्वेस्टमेंट करनी पड़ती है। एसोचैम सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2005 में एक बच्चे की शिक्षा का सलाना खर्च 55,000 रुपए था तो वो साल 2015 तक बढ़कर 1,50,000 रुपए हो गया है।
एक अध्यन के मुताबिक 70% से ज्यादा मां-बाप यानि पेरेंट्स हर महीने अपनी सैलेरी का 30% बच्चों की शिक्षा पर खर्च करते हैं। वहीं एक अन्य अध्यन के मुताबिक बच्चों की पढ़ाई का खर्च हर साल 15% की दर से बढ़ता जा रहा है। अब ऐसी हालत में क्या किया जाए...? ऐसी हालत में आपको हर बड़े खर्च की तरह भविष्य में होने वाली शिक्षा खर्च के लिए भी प्लानिंग करनी पड़ेगी। आइए हम आपको अपने बच्चों के शिक्षा खर्च में निवेश करने की प्लानिंग में मदद करते हैं।
बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे कैसे बचाएं
हम आपको यहां कुछ ऐसे टिप्स बताएंगे, जिससे आप अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए अधिक से अधिक पैसे बचा सकें। आजकल तकनीक का जमाना है। पहले के जमाने में लोग किसी डफ्तर के चक्कर काटने की वजह से कुछ अधिक सोच नहीं पाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब आपके पास सिर्फ एक स्मार्टफोन होना चाहिए। अपने स्मार्टफोन से आप घर बैठे अपने बच्चों की शिक्षा के लिए सेविंग्स कर सकते हैं।
1. सबसे पहले आप अपनी कमाई देखें और विचार करें कि उसमें से आप शिक्षा के लिए कितना बचा सकते हैं।
2. बच्चों के जन्म के बाद से 3 साल की उम्र तक आमतौर पर खर्चा मेडिकल संबंधी ही होता है। इसके बाद प्री-स्कूल, स्कूल और फिर कॉलेज की बारी आती है। इस क्रम को दिमाग में रखकर आप समय का अंदाजा लगा लें।
3. आप जितनी जल्दी जितना ज्यादा बचत करना शुरू करेंगे, आपके शिक्षा में निवेश की रकम उतनी कम हो जाएगी।
इसके अलावा अगर आप बच्चे के 18 साल होने तक 50 लाख रुपया उसकी शिक्षा के लिए बचाना चाहते हैं तो यह संभव है। आर्थिक सलाहकार के मुताबिक आमतौर पर इसे तीन तरीकों से हासिल किया जा सकता है।
1. इक्विटी (Equity):-
इक्विटी का मतलब है कि आप शेयरों में पैसा लगाकर भारी बचत कर सकते हैं। जैसे कि शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स इत्यादि। इसके लिए आप अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से "Eazy Equity Indian Share Market", "equity market tips", "EQUITY EXPLORER", "Equity Direct Mobile" जैसे ऐप्स हैं जिनसे आप आसानी से शेयरों के बारे में घर बैठे समझ सकते हैं और बच्चों के पढ़ाई के लिए पैसा बचा सकते हैं।
2. शेयर और डेट मार्केट:-
आप शेयरों के साथ-साथ डेट मार्केट में निवेश करके भी आप भविष्य के लिए काफी पैसे बचा सकते हैं। जैसे कि यूलिप (ULIP) इत्यादि। डेट मार्केट के बारे में जानकारी लेने और निवेश करने के लिए आप प्ले स्टोर से "Policy Bazaar", "LIC Customer", "ABSLI CalC", "UTI Mutual Funds", "SBI Life Smart Advisor" जैसे कई सारे ऐप्स हैं। जिनकी मदद से डेट मार्केट में शेयर करने के बारे में अपने स्मार्टफोन से पता कर सकते हैं।

3. डेट प्लानिंग में इन्वेस्ट करके:-
आप डेट योजनाओं में भी निवेश करके अपने बच्चों के लिए काफी पैसे बचा सकते हैं। जैसे कि पीपीएफ, सुकन्या स्मृद्धि योजना इत्यादि। पीपीएफ के लिए आपको प्ले स्टोर से "PPF Calculator - India", "Financial Calculator India", "PPF Taarifa" जैसे ऐप्स डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा भारत सरकार ने इसके लिए एक ख़ास सरकारी ऐप को भी लॉन्च किया है जिसका नाम "Umang" है।

4. एसआईफी:-
आप सोच रहे होंगे कि शेयरों में निवेश करना जोखिम भरा भी हो सकता है लेकिन आर्थिक सलाहकारों का कहना है कि इन जोखिम को कम करने के लिए म्यूचुअल फंड्स का एसआईपी (SIP) बहुत अच्छा तरीका है। इसके लिए भी आप प्ले स्टोर से "SIP Calculator", "Mutual Fund", "ETMONEY", "Money on App" जैसे ऐप्स को डाउनलोड करके कम जोखिम वाले म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं।
5. सुकन्या स्मृद्धि योजना:-

आपको बता दें कि चाइल्ड एजुकेशन के लिए नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट, पीपीएफ, फिक्स डिपोज़िट और सुकन्या स्मृद्धि योजना एक अच्छा ऑप्शन है। आपको बता दें कि सुकन्या स्मृद्धि योजना काफी लोकप्रिय योजना है। आजकल पेरेंट्स इसमें ज्यादा इन्वेस्ट कर रहे हैं। इसके लिए आपको प्ले स्टोर में "Sukanya Samriddhi Yojana", "Sukanya Samriddhi Calculator" नाम से ऐसे कई ऐप्स मिल जाएंगे। जिसमें आप अपनी क्षमता के हिसाब से इन्वेस्ट कर सकते हैं। लिहाजा इस तरह से आप अपने नन्हें-मुन्हें बच्चों की पढ़ाई के लिए खर्च प्लान कर सकते हैं और उन बच्चों के साथ-साथ देश का भविष्य भी बेहतर बना सकते हैं।


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