tik tok ने अपने ऊपर लगे आरोपों का बताया गलत, अमेरिका ने लगाया जुर्माना
TikTok से कुछ ना कुछ नया विवाद रोजाना जुड़ता ही जा रहा है। कांग्रेस के लोकसभा सांसद और दिग्गज नेता शशि थरूर ने हाल ही में कहा था कि TikTok अपने ऐप के जरिए भारतीय यूज़र्स का डाटा चीनी सरकार को भेज रही है और इसका भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। अब TikTok ने इस ख़बर खंडन किया है। TikTok ने कहा है कि वो किसी भी यूज़र्स की पर्सनल इंफोर्मेशन चीनी सरकार को नहीं भेज रही है।

TikTok कंपनी ने कहा है कि उसके लिए उसके यूज़र्स की निजी जानकारी की गोपनियता को बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और वो इसका पूरा ध्यान रखते हैं। TikTok ने कहा कि हम जिस देश में अपना बिजनेस चला रहे हैं उस देश के नियमों और कानूनों का पालन करते हैं। इसके अलावा कंपनी ने कहा कि उनका ऐप पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना में ऑपरेट नहीं होता जिससे उन्हें यूज़र्स का डाटा देना हो।
अमेरिका ने टिकटॉक पर लगाया बड़ा जुर्माना
TikTok कंपनी ने शशि थरूर के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चीनी सरकार के पास टिकटॉक यूज़र्स का कोई डाटा नहीं है। कंपनी ने कहा कि उनका चीन की किसी टेलिकॉम कंपनी के साथ भी कोई नाता नहीं है। आपको बता दें कि टिकटॉक को ByteDance नाम की कंपनी चलाती है। ये कंपनी चीन की राजधानी बीजिंग में स्थित है। टिकटॉक ऐप ने काफी कम समय में पूरी दुनिया में अपनी एक पहचान बना ली है। भारत में ही इस ऐप के 20 करोड़ से ज्यादा यूज़र्स हैं।
टिकटॉक को लेकर विवाद भारत समेत पूरी दुनिया में चल रहा है। हाल ही में अमेरिका की फेडरल रेगुलेटर भी TikTok पर 5.7 मिलियन डॉलर का फाइन लगाया था। ये फाइन बच्चों की जानकारियों को गलत तरीके से इक्ट्ठा करने के आरोप पर लगाया गया था। हालांकि टिकटॉक ने इस आरोप को भी गलत बताते हुए इसका खंडन किया था।
बच्चों पर पड़ा टिकटॉक का बुरा असर
भारत की अगर बात करें तो भारत में काफी सारे नेता, अभिनेता और आम लोग भी टिकटॉक के बारे में शिकायत कर चुके हैं। टिकटॉक पर छोटे-छोटे बच्चे भी सीधे जुड़े हुए है। टिकटॉक यूज़र्स अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए अश्लिल कंटेंट, शब्दों और एक्शन का प्रयोग करते हैं, जो सीधा हर उम्र के बच्चों, टीनएजेर्स और युवाओं तक जाता है। इसका सीधा बुरा असर 20 साल से कम उम्र के बच्चों की मानसिकता पर पड़ रहा है।


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