बच्चों के दिमाग को तेज बनाएंगी ये 5 बेस्ट ऐप
इस तकनीकी युग में, लोगों की आपा-धापी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है जिसकी वजह से अब वो सरल विकल्पों को अपनाने लगे हैं। बच्चों को घर पर ही क्लासेस देने लगे हैं।
इस तकनीकी युग में, लोगों की आपा-धापी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है जिसकी वजह से अब वो सरल विकल्पों को अपनाने लगे हैं। बच्चों को घर पर ही क्लासेस देने लगे हैं। इस कॉन्सेप्ट को महानगरों में काफी ज्यादा अपनाया जाता है जहां लोग वर्क फ्रॉम होम लेकर घर से ही काम करते हैं और अपने बच्चों को घर पर ही पढ़ाते हैं।
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बच्चों को घर पर पढ़ाना कोई आसान काम नहीं है लेकिन असंभव भी नहीं है। इन दिनों कई ऐसी वेबसाइट और एप्लिकेशन आई हुई हैं जो इस काम में अभिभावकों की सहायता कर सकती हैं और बच्चों को एक टीचर की तरह समझाने में कामयाब हो सकती हैं। इन एप को आसानी से आप अपने आईपैड या टैब में इंस्टॉल कर सकते हैं जो कि निम्न प्रकार हैं:
1. लाइफटॉपिक्स/ LifeTopix -
होमसकूलिंग के लिए सबसे जरूरी होता है टाइम मैनेजमेंट। इसके लिए ये एप बहुत मददगार साबित होगी। लाइफटॉपिक्स के जरिए से लाइफ के कार्यों को आसानी से मैनेज किया जा सकता है और प्रोडक्टिीविटी को बढ़ाया जा सकता है। कब क्या करना है और किस टाइम बच्चे को आपको क्या सीखाना है इसके लिए भी आपको ये एप हेल्प करेगी। लेकिन आपको बता दें कि ये एप, फ्री नहीं है बल्कि इसे एप स्टोर से लगभग 8 डॉलर की कीमत पर खरीदना होता है।
2. किंडल / Kindle -
किंडल बच्चों के लिए किताब की बजाय ई-बुक भी काफी मददगार साबित हो सकती है। इसे आसानी से कभी भी कहीं भी पढ़ा जा सकता है और इसमें कई सारी किताबों को ई-रूप में रखा जा सकता है। बस इसके लिए आपको इसे चार्ज करते रहना होता है।
3. के12 अटेंडेंश/ K12 Attendance -
के 12 अटेंडेंस एप के जरिए आप घर बैठे ही बच्चे की अटेंडेंस को देख सकते हैं और स्कूल में होने वाले आवश्यक कार्यक्रमों आदि की जानकारी रख सकते हैं। पिछले दस दिनों तक का आंकडा इस एप में आप देख सकते हैं। इससे स्कूल और बच्चे के बीच में गैप होने की उम्मीद नहीं रहती है, साथ ही आप भी अपडेट रहते हैं।
4. स्क्रीन टाइम/ screen Time -
स्क्रीन टाइम आपके बच्चे में हेल्दी मीडिया हेबिट को डेवलप करने के काम आती है। यह आपके बच्चों को निश्चित समय तक निश्चित वेबसाइट को सर्फ करने, उसे एक्सेस करने और उस पर समय बिताने के इंस्ट्रक्शन देने के साथ इसमें प्री-सेट गोल्स और अच्छे व्यवहार को भी सेट रखती है। यूजर्स, प्रोडक्टिव लर्निंग गतिविधियों के लिए मीडिया टाइम को भी ट्रेड कर सकता है, इससे बच्चे को लम्बे समय तक डिवाइस इस्तेमाल करने के बाद रेस्ट मिल जाता है। यह मूल रूप से पैरेंटल कंट्रोल एप है।
5. के12 टाइम्ड रीडिंग प्रैक्टिस/ K12 Timed Reading Practice
के12 टाइम्ड रीडिंग प्रैक्टिस के माध्यम से बच्चे की पढ़ने और सीखने की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। यह एप काफी आकर्षक है जिससे बच्चे आसानी से रोचक होकर सीखने की कोशिश करते हैं। इसका इस्तेमाल करते हुए न सिर्फ पढ़ाई की जा सकती है जबकि बच्चे को भाषा पर प्रवाह, और उसकी बारीकियों को भी सिखाया जा सकता है। अगर आपका बच्चा रीडिंग में अच्छा नहीं है तो इस एप को आप जरूर डाउनलोड करें।


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