Twitter का मेड इन इंडिया विकल्प Koo ऐप यूज़र्स डेटा के लिए सुरक्षित है या नहीं...?
आजकल Koo App के बारे में काफी चर्चाएं चल रही है। इस ऐप के बारे में अगर आप ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं तो आपको बता दें इस ऐप को भारत में ट्विटर का एक विकल्प माना जा रहा है। पिछले दो दिनों से भारत में कुछ लोग ट्विटर को छोड़ने की मांग कर रहे हैं।

ऐसे में ट्विटर के विकल्प के तौर पर Koo App सामने आया है और पिछले 24 घंटे में इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से काफी सारे लोगों ने डाउनलोड भी किया है। आइए आपको इस ऐप के बारे में एक मुख्य जानकारी बताते हैं।
क्या ट्विटर का विकल्प Koo है...?
अगर आप भी इस ऐप को डाउनलोड करने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको बता दें कि कंपनी भारत के इस माइक्रो ब्लॉगिंग साइट के लिए एक हैकर ने दावा किया है कि यह ऐप यूज़र्स के डेटा को सिक्योर यानि सुरक्षित रखने में सक्षम नहीं है। फ्रांस के एक सुरक्षा शोधकर्ता रॉबर्ट बैप्टिस्ट का कहना है कि Koo अपने ऐप पर मौजूद यूज़र्स को पर्सनल डेटा की सुरक्षा ना करके उसे एक्सपोज़ कर रहा है।
ट्विटर पर Elliot Alderson नाम से अपना अकाउंट रखने वाले इस फ्रेंच सुरक्षा शोधकर्ता रॉबर्ट बैप्टिस्ट कह कहना है कि, उन्होंने कई यूज़र्स के आग्रह करने पर Koo App पर 30 मिनट का वक्त खर्च किया और पाया कि Koo App अपने यूज़र्स की कई निजी जानकारियां जैसे नाम, पता, ईमेल और जन्मदिन समेत कई चीजों को एक्सपोज़ कर रहा है। उन्होंने Koo ऐप के बारे में कई ट्वीट्स किए हैं।
भारत सरकार ने किया Koo का समर्थन
आपको बता दें कि Koo App को मार्च 2020 में बनाया गया था लेकिन अभी तक कुछ ही लोग इस ऐप को जान पाएं थे क्योंकि ट्विटर के सामने Koo App को इस्तेमाल करने की कोई सोच भी शायद ही रखता होगा। हालांकि पिछले कुछ दिनों से सरकार और ट्विटर के बीच हो रहे विवाद की वजह से भारत सरकार के कई मंत्रियों ने Koo App का समर्थन भी किया है और उसे ज्वाउन भी किया है। वहीं वर्तमान भारत सरकार के समर्थक भी ऐसा ही कर रहे हैं और इस वजह से Koo App इतनी चर्चा में हैं कि ट्विटर पर ही ट्रेंड कर रहा है।


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