सरकार ला रही है नया Offline Aadhaar Verification सिस्टम; होटल चेक-इन से एग्जाम तक हर जगह बदलेगा तरीका
आधार कार्ड ने पिछले एक दशक में हमारी पहचान, सरकारी सेवाओं और वेरिफिकेशन प्रक्रियाओं को बेहद आसान बनाया है। अब सरकार इसे और भी ज़्यादा सिस्टमेटिक और सिक्योर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में एक बड़ा अपडेट सामने आया है, भारत सरकार एक नए Offline Aadhaar वेरिफिकेशन मैकेनिज्म पर काम कर रही है, जिसके चलते भविष्य में किसी भी जगह एंट्री लेने के लिए सिर्फ एक ऑफलाइन आधार चेक ही काफी होगा।
UIDAI के अनुसार, यह नया सिस्टम लोगों को हर जगह आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेकर घूमने की मजबूरी से छुटकारा देगा और साथ ही यूजर्स को अपने डेटा पर ज्यादा कंट्रोल और प्राइवेसी भी देगा। हालांकि, डिजिटल प्राइवेसी एक्सपर्ट्स ने इसके साथ कुछ चिंताएं भी जताई हैं।

क्या है नया सिस्टम?
फिलहाल इसके काम करने का पूरा ब्लूप्रिंट सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार यह सिस्टम दो तरीकों पर आधारित होगा।
QR Code आधारित वेरिफिकेशन
UIDAI ऐसे QR कोड जारी करेगा जिन्हें स्कैन कर किसी भी व्यक्ति की पहचान ऑफलाइन तरीके से सत्यापित की जा सकेगी।
इस प्रक्रिया में इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे डेटा लीक या ऑनलाइन ट्रैकिंग का खतरा काफी कम हो जाएगा।
Proof of Presence (Face Scan)
इस सिस्टम का दूसरा स्तंभ है, प्रूफ ऑफ प्रेज़ेंस, यानी कि आपकी पहचान आपके चेहरे से वेरिफाई होगी। यह फेस ऑथेंटिकेशन वही तकनीक होगी जो हम DigiYatra में देखते हैं, जहाँ एयरपोर्ट पर सिर्फ फेस स्कैन से एंट्री मिल जाती है।
UIDAI का कहना है कि इससे फेक आईडी, चोरी, और फ्रॉड जैसी समस्याओं में भारी कमी आएगी।
UIDAI का नया Aadhaar ऐप
UIDAI पहले से ही एक नया Aadhaar ऐप डेवलप कर रहा है, और यह ऑफलाइन वेरिफिकेशन फीचर इसी ऐप का हिस्सा होगा।
ऐप वर्तमान में प्री-लॉन्च टेस्टिंग में है और जल्द ही आम यूज़र्स के लिए उपलब्ध होगा। इसका उद्देश्य आधार से जुड़े सभी वेरिफिकेशन को और आसान और सुरक्षित बनाना है
कहां-कहां इस्तेमाल होगा नया सिस्टम?
UIDAI का अनुमान है कि आने वाले समय में यह सिस्टम कई महत्वपूर्ण जगहों पर लागू किया जाएगा।
- होटल और लॉज चेक-इन
- अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया
- परीक्षा केंद्रों में छात्र वेरिफिकेशन
- कैब ड्राइवर की पहचान
- सिगरेट या अल्कोहल खरीद पर उम्र सत्यापन
- स्टेडियम, सिनेमाघर और कॉन्सर्ट में प्रवेश
- ऑफिस/बिल्डिंग एंट्री पास
इसका मतलब है कि लगभग हर सेक्टर में पहचान जांचने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है।
कौन बन सकता है OVSE?
सभी कानूनी रूप से रजिस्टर्ड संगठन OVSE बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रक्रिया में क्या शामिल होगा।
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
- टेक्निकल इंटीग्रेशन
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
- सिक्योरिटी चेक
ओनबोर्डिंग के बाद यह संस्थाएं QR आधारित ऑफलाइन Aadhaar वेरिफिकेशन कर पाएंगी।
अब ऑफलाइन और सुरक्षित
सरकार का यह नया ऑफलाइन Aadhaar सिस्टम वेरिफिकेशन को तेज़, सुरक्षित और प्राइवेसी-फ्रेंडली बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि प्राइवेसी एक्सपर्ट्स की चिंताओं को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, लेकिन डिजिटल इंडिया के बढ़ते इकोसिस्टम में यह बदलाव पहचान सत्यापन को एक नए लेवल पर ले जा सकता है।


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