ChatGPT यूजर्स के लिए बुरी खबर! ऐप में जल्द दिख सकते हैं Ads, बीटा वर्जन में मिले सबूत
ChatGPT यूज़र्स के लिए एक बड़ा झटका आने वाला है, क्योंकि OpenAI अपने AI चैटबोट में Ads (विज्ञापन) दिखाने की तैयारी कर रहा है। हाल ही में जारी किए गए ChatGPT Android ऐप के एक नए बीटा वर्ज़न में ऐसा कोड मिला है, जो आने वाले समय में ऐप के अंदर विज्ञापन दिखाए जाने की ओर इशारा करता है।
यह कोड डेवलपर Tibor Blaho ने X (पूर्व Twitter) पर शेयर किया। उन्होंने ऐप में "ads feature", "search ad" और "bazaar content" जैसे शब्दों वाले कई रेफरेंस खोजे, जिनसे साफ है कि OpenAI इंटरनल टेस्टिंग में विज्ञापन मॉडल पर काम कर रहा है।

अभी पब्लिक के लिए उपलब्ध नहीं बीटा वर्जन
ChatGPT का यह बीटा वर्ज़न 1.2025.329 नंबर के साथ दिखाई दिया, जो फिलहाल किसी भी यूज़र के लिए उपलब्ध नहीं है। लेकिन इसके सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई कि OpenAI आखिरकार अपने चैटबोट को विज्ञापनों से कैसे कमर्शियल करने वाला है।
यह कदम ऐसे समय आया है जब कुछ हफ्ते पहले ही The Information की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि OpenAI, ChatGPT ऐप में विज्ञापन जोड़ने के तरीकों पर विचार कर रहा है।
पहले ही मिले संकेत
OpenAI के CEO Sam Altman इससे पहले कई इंटरव्यू में Ads को लेकर अपनी राय दे चुके हैं। Harvard Business School में उन्होंने कहा था कि AI और Ads का मिश्रण एक अजीब अनुभव हो सकता है और हम इसे सिर्फ अंतिम विकल्प के रूप में अपनाएंगे।
हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया था कि अगर बिजनेस मॉडल को टिकाऊ बनाने के लिए Ads ज़रूरी हुए, तो कंपनी इस दिशा में कदम बढ़ा सकती है।
इसके बाद OpenAI के अपने पॉडकास्ट में भी उन्होंने कहा कि कंपनी Ads के साथ Experiment करने से पीछे नहीं है - बस यह तय नहीं है कि विज्ञापन कहाँ और कैसे दिखाए जाएंगे।
Free Version के लिए Ads तय?
लीक हुए कोड से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ऐड फ्री वर्जन (Free Tier) में दिखाए जा सकते हैं। फ्री यूजर्स को पहले से ही Usage लिमिट, स्लोअर परफॉर्मेंस और लो प्रायोरिटी रिस्पॉन्स मिलते हैं। ऐसे में संभव है कि Ads जोड़कर OpenAI अपने ऑपरेशन कॉस्ट को कम करने की कोशिश करे, क्योंकि बड़े AI मॉडल चलाना बेहद महंगा है।
अगर यह प्लान आगे बढ़ता है, तो फ्री यूज़र्स विज्ञापन यहां देख सकते हैं ऐसे चैट रिप्लाई के अंदर, सर्च रिजल्ट में, Sponsored suggestions, ऐप इंटरफेस पर बैनर और मिलियंस यूजर्स के लिए अनुभव बदल सकता है।
अगर OpenAI इस फीचर को लाइव कर देता है, तो ChatGPT का अनुभव दुनिया भर के करोड़ों फ्री यूज़र्स के लिए बदल सकता है।
खासकर स्टूडेंट्स, ऑफिस प्रोफेशनल्स, कंटेंट राइटर्स और डेली-टास्क यूजर्स को यह बदलाव परेशान कर सकता है। लोग ChatGPT को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह एक साफ-सुथरा, बिना किसी Ad वाला अनुभव देता है। ऐसे में विज्ञापन यूजर एक्सपीरियंस को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल केवल इंटरनल टेस्टिंग
OpenAI ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। फिलहाल Ads फीचर बीटा में है, लाइव नहीं किया गया है और कोई टाइमलाइन सामने नहीं आई है
लेकिन यह साफ है कि कंपनी Ads को लेकर सीरियस एक्सपेरिमेंट कर रही है। अब देखना यह होगा कि OpenAI कमर्शियलाइज़ेशन और यूज़र कम्फर्ट के बीच क्या संतुलन बना पाती है।


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