WhatsApp पर ChatGPT को रोकना Meta को पड़ सकता है भारी, EU ने जारी की सख्त चेतावनी
यूरोपियन यूनियन (EU) ने Meta को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, European Commission ने WhatsApp पर थर्ड-पार्टी AI Assistants को ब्लॉक करने के फैसले पर Meta को चेतावनी दी है, और कहा है कि यह कदम EU के competition rules का उल्लंघन कर सकता है।
सरल भाषा में समझें तो EU का आरोप है कि Meta अपने messaging dominance का इस्तेमाल करके अपने ही AI टूल Meta AI को unfair advantage देने की कोशिश कर रहा है।

बन गया AI Competition का बड़ा मैदान?
WhatsApp यूरोप में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले communication platforms में से एक है। Commission का कहना है कि AI assistants के लिए WhatsApp एक बेहद अहम entry point है।
अगर WhatsApp जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर केवल Meta AI को अनुमति दी जाती है, और ChatGPT या अन्य rivals को बाहर कर दिया जाता है, तो इससे competition खत्म हो सकता है।
EU regulators मानते हैं कि यह policy नए AI कंपनियों के लिए market में टिकना मुश्किल बना सकती है।
EU का आरोप
Commission ने Meta को एक formal Statement of Objections जारी किया है, जो antitrust जांच की दिशा में पहला बड़ा कदम होता है।
EU की Executive Vice-President Teresa Ribera ने कहा कि AI assistants का market तेजी से बढ़ रहा है। हमें competition को protect करना होगा और dominant कंपनियों को unfair फायदा उठाने से रोकना होगा।
EU का मानना है कि Meta WhatsApp की ताकत का इस्तेमाल करके rivals को बाहर कर रहा है, जो EU antitrust law के तहत abuse of dominance माना जा सकता है।
विवाद की शुरुआत कब हुई?
यह मामला तब शुरू हुआ जब Meta ने October 2025 में WhatsApp Business terms update किए।
इन बदलावों के बाद third-party general-purpose AI assistants effectively banned हो गए।
फिर 15 January 2026 से WhatsApp पर केवल Meta AI को ही allow किया गया, और बाकी assistants को platform से बाहर कर दिया गया।
Interim Measures क्या हैं और क्यों जरूरी हैं?
EU अब "interim measures" पर भी विचार कर रहा है। Interim measures का मतलब है कि Commission Meta को तुरंत temporary बदलाव करने के लिए मजबूर कर सकता है, ताकि investigation पूरी होने से पहले ही competition को नुकसान न हो।
Regulators को डर है कि अगर Meta की policy लंबे समय तक लागू रही, तो smaller AI कंपनियां market से बाहर हो सकती हैं।
फिलहाल Meta पर कोई penalty नहीं लगी है, और केस शुरुआती stage में है। लेकिन अगर EU ने interim measures लागू कर दिए, तो Meta को WhatsApp पर rivals को वापस allow करना पड़ सकता है।
AI assistants को एक्सेस मिल सके।
इसका मतलब यह हो सकता है कि भविष्य में WhatsApp पर फिर से ChatGPT जैसे AI assistants को एक्सेस मिल सके।
AI assistant market अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन तेजी से grow कर रहा है। ऐसे में EU regulators यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी big tech company unfair तरीके से market control न कर सके।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि Meta इस जांच में क्या जवाब देता है और WhatsApp पर AI competition का भविष्य किस दिशा में जाता है।


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