YouTube का सबसे बड़ा बदलाव: AI के युग में कदम, कर्मचारियों को ‘वॉलंटरी एग्जिट' का मौका
गूगल की स्वामित्व वाली वीडियो शेयरिंग दिग्गज कंपनी YouTube अब अपने इतिहास के सबसे बड़े पुनर्गठन (restructuring) की ओर बढ़ रही है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपने हर कोर में यानी सिस्टम कंटेंट डिस्कवरी से लेकर क्रिएशन टूल्स तक शामिल करेगी।
इसी दिशा में सीईओ नील मोहन (Neal Mohan) ने कर्मचारियों के लिए एक 'वॉलंटरी एग्जिट प्लान' की घोषणा की है। यानी, कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने का मौका दिया जा रहा है, लेकिन यह किसी भी तरह की अनिवार्य छंटनी नहीं होगी। आइए इसके बारे में जानते हैं।

AI है अगला कदम
नील मोहन ने अपने कर्मचारियों को भेजे एक मेमो में कहा कि YouTube का अगला बड़ा कदम AI के साथ जुड़ा होगा। हमें अब यह सोचना होगा कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे हर यूज़र और क्रिएटर के अनुभव को बेहतर बना सकता है।
उनके मुताबिक, आने वाले महीनों में YouTube का हर प्रोडक्ट चाहे वह होमपेज रिकमेंडेशन सिस्टम हो या कंटेंट क्रिएशन टूल्स AI-सक्षम तकनीकों से ऑपरेट होगा।
3 डिविजन में बंटा YouTube प्रोडक्ट डिपार्टमेंट
YouTube अब अपने प्रोडक्ट ऑर्गेनाइजेशन को तीन प्रमुख हिस्सों में बांट रहा है, ताकि हर टीम का फोकस और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सके।
व्यूअर प्रोडक्ट्स डिविजन
इस डिविजन की जिम्मेदारी Johanna Voolich संभालेंगी। यह ग्रुप YouTube ऐप, सर्च और डिस्कवरी, टीवी प्लेटफॉर्म, YouTube Kids, Learning और Trust & Safety को मैनेज करेगा। इस टीम का लक्ष्य है कि YouTube को टीवी पर और भी मजबूत उपस्थिति दिलाई जाए और साथ ही "रेस्पॉन्सिबल प्लेटफॉर्म" की छवि बनाए रखी जाए।
सब्सक्रिप्शन डिविजन -
इस विभाग की कमान Christian Oestlien के हाथों में होगी। यह ग्रुप YouTube Premium, YouTube Music, YouTube TV और Primetime Channels जैसे सब्सक्रिप्शन प्रोडक्ट्स पर काम करेगा। दिलचस्प बात यह है कि अब YouTube के 125 मिलियन से ज्यादा पेड यूज़र्स हैं, और यह कंपनी का सबसे तेज़ी से बढ़ता बिजनेस बन चुका है।
क्रिएटर और कम्यूनिटी प्रोडक्ट्स डिविजन -
यह डिविजन क्रिएटर्स को नए AI टूल्स और Shorts जैसे फीचर्स के जरिए और सशक्त बनाएगा। फिलहाल Johanna Voolich इस विभाग को भी अस्थायी तौर पर संभालेंगी, जब तक इसके लिए नया प्रमुख नियुक्त नहीं होता।
क्या है वॉलंटरी एग्जिट प्लान?
नील मोहन ने साफ किया है कि यह कदम किसी भी तरह की छंटनी (layoff) नहीं है। बल्कि यह एक स्वैच्छिक योजना है जिसमें अमेरिका में पात्र कर्मचारी सेवरेन्स पैकेज (Severance Package) लेकर कंपनी छोड़ सकते हैं।
हालांकि, YouTube ने अभी तक यह नहीं बताया है कि इस पैकेज में कौन-कौन से लाभ शामिल होंगे। नई संगठनात्मक संरचना 5 नवंबर 2025 से प्रभावी होगी।
AI फोकस सिर्फ YouTube तक सीमित नहीं
YouTube का यह कदम केवल एक प्लेटफॉर्म के अंदर का बदलाव नहीं है, यह पूरे Big Tech सेक्टर की दिशा बदलने वाला संकेत है। Amazon, Meta और Microsoft जैसी दिग्गज कंपनियां भी अपने कर्मचारियों और प्रोडक्ट लाइनों को AI के हिसाब से फिर से तैयार कर रही हैं।
YouTube का यह फैसला बताता है कि आने वाले समय में प्लेटफॉर्म का ध्यान सिर्फ 'वीडियो होस्टिंग' पर नहीं रहेगा, बल्कि वह AI-ड्रिवन डिस्कवरी, जेनरेटिव कंटेंट और स्मार्ट रिकमेंडेशन सिस्टम्स पर केंद्रित होगा।
क्या है फ्यूचर प्लानिंग?
YouTube के इस पुनर्गठन को देखकर यह साफ है कि आने वाला दौर "AI-Driven Video Ecosystem" का होगा। जहां क्रिएटर्स को नए टूल्स मिलेंगे, ऑडियंस को और स्मार्ट सर्च और डिस्कवरी फीचर्स देखने को मिलेंगे, वहीं प्लेटफॉर्म अपनी विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन सर्विसेज से नई कमाई के रास्ते बनाएगा।
एक दशक बाद YouTube में यह सबसे बड़ा बदलाव है और यह केवल संरचना का नहीं, बल्कि सोच का बदलाव है। YouTube अब सिर्फ वीडियो शेयरिंग साइट नहीं, बल्कि AI-First Global Platform बनने की ओर बढ़ रहा है।


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