सेकेंडहैंड कैमरा खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्‍यान

    हम सेकेंड हैंड कार खरीदते हैं, फर्नीचर खरीदते हैं यहां तक की कभी कभी सेकेंड हैंड कपड़े भी खरीदते हैं लेकिन जब बात सेकेंड हैंड इलेक्‍ट्रॉनिक प्रोडेक्‍ट की आती है तो इसमें काफी रिस्‍क होता है क्‍योंकि इलेक्‍ट्रॉनिक प्रोडेक्‍ट के बारे में हम सिर्फ ऊपरी बॉडी को तो देखकर बता सकते हैं कि ये सहीं है लेकिन इसके अंदर का हाल क्‍या है ये बताना काफी मुश्‍किल होता है लेकिन अगर आप कुछ जरूरी बातों का ध्‍यान रखें तो सेकेंड इलेक्‍ट्रॉनिक प्रोडेक्‍ट भी बिना किसी चिंता के खरीद सकते हैं।

     

    खासकर जब बात कैमरे की करें तो ज्‍यादातर लोग कैमरे को उसकी कंपनी के नाम यानी ब्रांड नेम की वजह से ज्‍यादा खरीदते हैं जैसे निकॉन का कैमरा है तो अच्‍छी ही होगा लेकिन सेकेंड कैमरे के मामले में ब्रांड नेम या ज्‍यादा मायने नहीं रखता, अगर आप सेकेंड हैंड कैमरा लेने जा रहे हैं तो इस बात का सबसे पहले पता लगा लें कि वो कितना पुराना कैमरा और उसे कैसे प्रयोग किया गया है।इसके अलावा और भी कई चीजें हैं जो सेकेंड हैंड कैमरा लेने से पहले ध्‍यान देनी चाहिए।

    कैमरा लेंस, फोकस, बॉडी और एलसीडी पैनल के अलावा उसकी बैटरी चेक कर लें

    अगर आप डीएसएलआर कैमरा ले रहे हैं तो इसके लिए अच्‍छा बजट लेकर चले लेकिन सेकेंड डीएसएलआर लेते समय उसमें दिए गए लेंस का सबसे खास ध्‍यान रखें कि वो किस हालत में है और कैसा काम करता है। कहीं उसमें कोई निशान तो नहीं हैं साथ ही कैमरा के मिरर बॉक्‍स को भी चेक कर लें की कहीं उसमें कोई धूल मिट्टी के निशान तो नहीं हैं।

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    फोकस

    कैमरे में अगर मैन्‍युअल फोकस की सुविधा दी गई है तो उसे हर डायरेक्‍शन में मोड़कर देख लें कहीं बीच में वो अटकता तो नहीं हैं या फिर कैमरे से उसे कनेक्‍ट करने में कोई दिक्‍कत तो नहीं होती। कैमरे में दिए गए डिजिटल फोकस को भी जांच लें कि कहीं ज्‍यादा फोकस करने में फोटो काफी ब्‍लर तो नहीं हो रही।

    बॉडी

    कैमरे की बॉडी काफी मायने रखती है फिर वो चाहे नया कैमरा हो या फिर पुराना, ज्‍यादातर डीएसएलआर कैमरों की बॉडी में प्‍लास्‍टिक का प्रयोग किया जाता है तो कई में लेदर की कवरिंग भी होती है। जब भी सेकेंड हैंड डीएसएलआर कैमरा खरीदने उसकी बॉडी को अच्‍छी तरह से जांच लें कि कहीं उसमें कोई क्रेक तो नहीं है।

    एलसीडी

    डिजिटल और डीएसएलआर कैमरों में अब डिजिटल स्‍क्रीन के साथ व्‍यू फाइंडर की सुविधा भी रहती है लेकिन आम फोटोग्राफी के लिए लोग एलसीडी स्‍क्रीन ही प्रयोग करते हैं इसलिए कैमर की एलसीडी स्‍क्रीन को अच्‍छी तरह जांच लें कि कहीं उसमें कोई कलर इफेक्‍ट तो नहीं है।

    गारंटी

    अगर कैमरा 5 से 6 साल पुराना है तो आप शॉपकीपर से वारंटी की बात कर सकते हैं क्‍योंकि अगर कभी कैमरे में कोई खराबी आ गई तो आपको डीएसएलआर कैमरे की सर्विसिंग में अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है।

    बैटरी

    जब भी सेकेंड हैंड डीएसएलआर कैमरा खरीदे तो उसकी बैटरी की जांच कर लें। क्‍योंकि हो सकता है अगर कैमरा काफी पुराना है तो उसका बैटरी बैकप भी कम हो गया होगा।


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