कर्ज लेकर 'फर्श से अर्श' तक पहुंची एप्‍पल

Posted By: Super

    कर्ज लेकर 'फर्श से अर्श' तक पहुंची एप्‍पल

    इस समय दुनिया में एप्‍पल सबसे धनवान कंपनी के रूप में उभर कर सामने आई है। एप्‍पल ने 2007 में आई फोन लांच किया था जिसे काफी पसंद किया गया। एप्‍पल के आईपैड ने तो टैबलेट बाजार को एक नया रूख ही दे दिया। देखा देखी अन्‍य कंपनियों ने भी अपने टैबलेट को बाजार में पेश कर दिया मगर एप्‍पल को चुनौती देना इतना आसान नहीं है। कभी आपने सोचा है एप्‍पल आज दुनिया की सबसे अधिक मूल्यवान कम्पनी कैसे बन गई है, कम ही लोगों को यह पता होगा कि इसने अपना कारोबारी सफर की शुरूआत कर्ज लेकर की थी। एप्पल की शुरुआत स्टीव जॉब्स और स्टीववोजनेक ने 1976 में इंटेल के एक अधिकारी से कर्ज लेकर शुरू की थी। जॉब्स के 1997 में वापस एप्पल से जुड़ने के बाद एप्पल ने काफी तेजी से विकास किया। कहते हैं न मेहनत का फल मीठा होता है।

    क्यूपर्टिनो मुख्यालय वाली प्रौद्योगिकी कम्पनी ने बुधवार को एक्सॉन मोबिल कॉर्प से दुनिया की सबसे मूल्यवान कम्पनी का सेहरा छीन लिया, जिस पर एक्सॉन मोबिल का 2005 से अधिकार था। कारोबार की समाप्ति पर एप्पल की कुल बाजार पूंजी बढ़कर 337 अरब डॉलर हो गई, जो एक्सॉन से कुछ ज्यादा है। मोटे अंकों में हालांकि एक्सॉन की बाजार पूंजी भी 337 अरब डॉलर ही है। जॉब्स ने एप्पल में सुधार करने के लिए बिल गेट्स से 15 करोड़ डॉलर का कर्ज लिया और कम्पनी में एक-के-बाद-एक कई सुधार किए।

    कम्पनी के लिए पहला बड़ा समय 2001 में आया जब उसने आईपॉड लांच किया। जो एप्‍पल के लिए सफलता की पहली सीढ़ी बना देखते-देखते यह दुनिया में सबसे अधिक बिकने वाला उपकरण बन गया।इसके बाद दूसरा बड़ा क्षण 2003 में आया जब कम्पनी ने ऑनलाइन रिकार्ड संग्रह वाला आईट्यून स्टोर शुरू किया। वहीं एप्‍पल के ऑनलाइन एप्‍स स्‍टोर से 15 बिलियन एप्‍स को डाउनलोड किया जा चुका है। जिनमें से 200 मिलियन आईफोन से डाउनलोड किये गये है। वहीं एप्‍पल के एप्‍स स्‍टोर में 100,000 से ज्‍यादा एप्‍स है जिन्‍हे आप डाउनलोड कर सकते है। लगातार नई चीजों की खोज में लगी कम्पनी ने 2007 में आईफोन पेश किया। इसे भी बाजार में पूरी सफलता मिली।

    कम्पनी ने सिर्फ पांच साल पहले स्मार्टफोन बाजार में कदम रखा, लेकिन इसने इतने कम समय में ब्लैकबेरी बनाने वाली कम्पनी रिसर्च इन मोशन और एक अन्य स्मार्टफोन दिग्गज कम्पनी नोकिया को पीछे छोड़ दिया है। एप्पल ने पिछले साल अप्रैल में अपना आईपैड बाजार में उतारा और अब तक 2.5 करोड़ से अधिक आईपैड बाजार में बिक चुके हैं। यदि एप्पल इसी तरह नए-नए उत्पाद पेश करते रहे और अपने आईफोन और आईपैड में लगातार सुधार करते रहे तो 1000 अरब डॉलर वाली दुनिया की पहली कारोबारी कम्पनी बनने में ज्‍यादा समय नहीं लगेगा।

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