Google क्रोम कर रहा है आपका ऑनलाइन डेटा चोरी

    क्या आप जानते हैं कि Google क्रोम और मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स यूज़र्स की पूरी ऑनलाइन हिस्ट्री या ऑनलाइन एक्टिविटीज थर्ड पार्टी डेवलपर के पास हो सकती हैं या फिर हैकर्स के पास भी हो सकती है। जी हां, एक प्रॉमिनेंट सिक्योरिटी रिसर्चर के मुताबिक, उन्हें एक ऐसा ब्राउजर एक्सटेंशन मिला है जो यूज़र्स के सभी ऑनलाइन डेटा को रिकॉर्ड करता था। हीटन के ब्लॉग के मुताबिक जनवरी 2017 से ब्राउज़र हिस्ट्री रिकॉर्ड की जा रही है।

    Google क्रोम कर रहा है आपका ऑनलाइन डेटा चोरी

    हीटन ने बताया कि करीब 1.8 मिलियन लोग इस ब्राउजर एक्टेंशन का इस्तेमाल करते हैं। स्टाइलिश नाम से मौजूद ये एक्सटेंशन यूजर्स को वेब ब्राउज़र के अंदर वेब पेजों को कस्टमाइज करने का फीचर देता है, मगर इस सॉफ्टेयर को किसी ने हाईजैक किया हुआ है। जिसके कारण आपकी पर्सनल इन्फॉर्मेशन हैकर्स के पास हो सकती है।

    इससे भी बदतर है कि ब्राउज़िंग डेटा उन डिटेल्स से लिंक किया जा सकता है जो यूज़र्स को रियल वर्ल्ड में पहचानने योग्य बनाता हैं।जिसका हैकर और ब्लैकमेलर आसानी से फायदा उठा सकते हैं। हीटन ने अपने ब्लॉग पर लिखा कि 'यह केवल एक ट्रैकिंग रिक्वेस्ट लेता है जिसमें एक सेशन की कुकी शामिल होती है ताकि यूज़र्स का अकाउंट स्टाइलिश ट्रैकिंग आइडेंटिफायर के साथ स्थाई तौर पर जुड़ सकें। उसके बाद हर रिकॉर्ड एक्टिविटी को सर्वर तक पहुंचाया जाता है।

    इसमें आपकी ब्राउज़र विंडो से रियल गूगल सर्च रिजल्ट शामिल हैं। यही कारण है कि इसके नए ओनर सिमिलर वेब आसानी से यूज़र के सभी ऑनलाइन डेटा के साथ कनेक्ट हो सकते है।  जिन यूज़र्स ने userstyles.org पर स्टाइलिश अकाउंट बनाया है, उनके पास एक यूनिक आइडेंटिफायर होगा जो आसानी से एक लॉगिन करके कुकी और टेक्स्ट फाइलों से लिंक किया जा सकता है, जिसका उद्देश्य यूज़र्स को वेबसाइट को तेज़ी और आसानी से एक्सेस करने में हेल्प करना है।

    इसका मतलब है कि सिमिलर वेब के पास न सिर्फ यूज़र्स की पूरी ब्राउज़िंग हिस्ट्री की कॉपी होती है, बल्कि रियल वर्ल्ड आइडेंटिफायर से जोड़ने और ईमेल एड्रेस के लिए उनके पास पर्याप्त अन्य डेटा भी है। Alphr रिपोर्ट्स का कहना था कि सिमिलर वेब की 2017 के बयान के मुताबिक, जब कंपनी ने टूक ओवर और प्राइवेसी पॉलिसी ऐड की थी, तभी ब्राउज़र एक्सटेंशन में सुधार के लिए ट्रैकिंग को जोड़ा गया था। 

    Ghacks.net ने उस समय रिपोर्ट किया था कि, 'जहां तक ​​ट्रैकिंग का सवाल है, एनोनिमस इनफार्मेशन जैसे किस स्टाइल को इनस्टॉल किया जाए या किस साइट पर, डेटा कलेक्ट हो जाता है।' 'यह इनफार्मेशन कुछ एक्सटेंशन की फंक्शनलिटी को पॉवर देती है जैसे ब्राउज़र में साइट पर जाने पर यूज़र्स को स्टाइल्स रिवील किये जाने चाहिए।' हालांकि ब्राउजर एक्सटेंशन स्टाइलिश को क्रोम और फायरफॉक्स ने रिमूव कर दिया है।

    English summary
    Do you know that Google Chrome or Mozilla Firefox can be full online history of online users or online activities by third party developers or hackers may also have it. Yes, according to a prominent security researcher, they found a browser extension that used to record all the online data from users.
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