गैराज में बना दुनिया का पहला एप्पल कंप्यूटर
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young_steve_jobs_apple1 अप्रैल 1976 को सिलिकॉन वैली में पिता के गैराज से अपने कॉलेज के दोस्त स्टीव वोच्नियाक के साथ मिल कर पहला कम्प्यूटर एपल1 बनाया, जो 666.66 डॉलर में बिका। उसी दौरान उन्हें एक लोकल स्टोर से 50 मशीनों का ऑर्डर आया। उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वे इतनी बड़ी मात्रा में कंपनी का आर्डर पूरा कर सके।
कंपनी को फाइनेंस करने के लिए 21 साल के स्टीव ने अपनी फॉक्सवैगन वैन भी बेच दी। कंपनी में जहां जॉब्स सेल्स का काम देखते थे तो वोच्नियाक इंजीनियर की तरह काम करते थे। खुद वोच्नियाक ने भी उनके बारे में कहा था कि शुरुआती दिनों में जब भी मैं कुछ नया डिजाइन करता था तो जॉब्स कहते थे कि चलो बेचते हैं। 1985 तक मात्र 30 साल की उम्र में स्टीव ने एपल को 2 बिलियन डॉलर वाली कपंनी बना दिया था।
दुनिया के 136वें सबसे अमीर व्यक्ति थे स्टीव
पैंक्रियाज के कैंसर से पीड़ित स्टीव जाब्स जब एप्पल के सीईओ पद से अगस्त 2011 में रिटायर हुए तो वे दुनिया के 136 वें सबसे अमीर आदमी थे। फिर भी वे एप्पल से बतौर सीईओ सिर्फ एक डॉलर वेतन लेते थे और अति सामान्य जीवन जी रहे थे। मगर स्टीव ने अपने जीवन जीने के तरीके को बिलकुल नहीं बदला वे पहले की तरह साधारण जीवन ही जीते रहे।
अपनी मौत का पहले से ही पता था स्टीव को
जब स्टीव जाब को 2004 में पैंक्रियाज कैंसर की शिकायत हुई और 2009 में उनका यकृत बदला गया था उसके बाद स्टीव को पता था कि उनको जो बीमारी है वह असाध्य है और उनके इलाज की भी अपनी सीमाएं हैं छह साल पहले उन्होंने कहा भी था कि मुझे इस बात का अहसास है कि जल्दी ही मेरा निधन हो जाएगा यही मेरे जीवन का सबसे बड़ा साधन है जो मुझे बड़े निर्णय करने के लिए प्रेरित करता है। जब स्टीव जॉब्स अपनी अंतिम सांस ले रहे थो तो उनकी पत्नी व अन्य परिजन उनके पास थे।पढे: ये हैं दुनिया भर में बने गूगल के बेहतरीन ऑफिस


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