हार्ड डिस्क के बारे में कुछ रोचक बातें
कंप्यूटर इंडस्ट्री में एसएसडी के आने साथ ही, अब हार्ड ड्राइव लगभग विलुप्त होने के कगार पर हैं। लेकिन यह जानना हर किसी की इच्छा होती है कि हार्ड ड्राइव में ऐसा क्या होता है? एचडीडी में हैडर और मैग्नेटिक डिस्क होती है। हैडर डेटा को रीड करने के काम आता है और मैग्नेटिक डिस्क डेटा को स्टोर करने के लिए ट्रेक्स और सेक्टर्स में बटी होती है।

जब भी एचडीडी में डेटा स्टोर होता है तो यह हैश टेबल्स और इंडेक्स टेबल के रूप में स्टोर होता है। आज हम आपको हार्ड डिस्क ड्राइव के बारे में कुछ रोचक तथ्य बता रहे हैं जो शायद आप नहीं जानते हैं।
आईबीएम मॉडल 350 डिस्क फाइल पहली हार्ड ड्राइव थी इसे आईबीएम ने 1956 में बनाया था। हार्ड ड्राइव की क्षमता 5 एमबी थी, इसे 1981 में एप्पल ने बनाया था जिसकी कीमत 3200 डॉलर थी। इसका केबिनेट रेफ्रीजरेटर की साइज़ का था और इसका वजन 250 किलो था।

1 जीबी या उससे ज़्यादा की श्रेणी में पहली हार्ड डिस्क ड्राइव आईबीएम की डाइरेक्ट एक्सेस स्टोरेज डिवाइस थी। इसे 1980 में बनाया गया था, इसकी क्षमता 2.52 जीबी थी और डेटा ट्रांसफर रेट 3 एमबी पर सेकंड थी। इन सब बड़ी साइज़ की हार्ड डिस्क के बाद, पहली 'पर्सनल साइज़' की हार्ड डिस्क ड्राइव सीगेट ने 1980 में बनाया जिसे पर्सनल कम्यूटर्स में लगाया जाने लगा था। सीगेट एसटी-506 की कीमत 1500 डॉलर थी और इसकी क्षमता 5 एमबी थी।

1981 में एप्पल द्वारा लॉन्च की गई 5 एमबी की हार्ड डिस्क की कीमत 3500 डॉलर थी। जीबी में 700,000 डॉलर। अगर साइज़ की बात करें तो, कमरे के आकार की एचडीडी को आजकल की पोर्टेबल शेप में बदलने में 24 साल लगे।
फ़ेसबुक ने 2013 में अपने डेटा सेंटर में 300 पीबी (पेटाबाइट्स) स्टोर किया था और यूट्यूब पर रोजाना 15 इयर्स फुटेज रोजाना स्टोर होती हैं, यूट्यूब ने 2015 में 500 पीबी डेटा स्टोर किया था।
हार्ड डिस्क के प्लेटर्स कीमती धातुओं के बने होते हैं - थर्मल प्रॉपर्टीज़ के लिए प्लेटिनियम को काम में लिया जाता है और मैग्नेटिक या चुम्बकीय प्रॉपर्टीज़ के लिए रूथेनियम को काम में लिया जाता है।
मूरे के लॉं के अनुसार इंडस्ट्रीज में जो डेटा स्टोर होता है वह हर 1.2-2 साल में दुगना हो जाता है। पिछले 30 सालों में एक जीबी का खर्च 100,000 डॉलर्स से कुछ सेंट ही हो गया है।


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