याद आते रहेंगे स्टीव जॉब के ये पल

अमेरिका के सैन फांस्रिस्को में 24 फरवरी 1955 को जन्मे स्टीव अब्दुल फतेह जन्दाली और जान सिम्पसन की शादी से पूर्व की संतान थे। शायद यह कम ही लोग जानते होंगे की भारत में स्टीव का गहरा लगावा था। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। उनका बचपन भी बड़ी कठिनाइयों से बीता। स्टीव जॉब्स की कड़ी मेहनत और लगन मात्र 1,300 रूपए से शुरू की गई एप्पल को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनाया।
अपनी ही कंपनी से जब निकाले गए स्टीव
बेहद गरीबी और स्कूली शिक्षा से दूर जब स्टीव जाब्स ने जीवन जो एक नई राह चुनी थी उसने दुनिया को सोचने का नया नजरिया दिया है। इतनी कठिनाइयों के बाद स्टीव ने एप्पल की बुनियाद रखी थी वे ही जानते थे। मगर 1985 में उनके साथ ऐसी घटना घटी जिसके बारे में उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोंचा था। एप्पल को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने कुछ समय पहले ही कोका कोला से जॉन स्कली को ऐपल सीईओ के पद पर बैठाया था। मगर किसमत को कुछ और ही मंजूर था।
उसी समय कंपनी के बोर्ड की मीटिंग र्हुइ जिसमें उन्हें निकालने का फैसला लिया गया। इस घटना ने उन्हें अंदर से झंझोर कर रख दिया फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और पिक्सार और नेक्स्ट नाम की नई कंपनियां बनाईं। जिसमें से पिक्सार के नाम दुनिया की सबसे पहली एनिमेटेड मूवी बनाने का खिताब दर्ज है। वहीं दूसरी कंपनी नेक्स्ट कोई मुनाफा नहीं कमा सकी। 1996 में एप्पल ने नेक्स्ट को खरीद लिया जिससे एक बार फिर स्टीव की वापसी एप्पल में दुबारा हो गई।


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