9वीं के इस स्टूडेंट ने बनाया स्मार्ट शू, ब्लाइंड लोगों को दिखायेगा रास्ता, जानिए कैसे करता है काम
भारत में बहुत से टैलेंटेड लोग है जिसमें से कुछ सामने आ जाते है और कुछ आज भी छुपे हुए है। वहीं आज हम एक ऐसे छात्र की बात बताने वाले है जिन्होंने नेत्रहीनों के लिए स्मार्ट शू (Smart Shoes) बनाये है। दरअसल आपको बता दें कि असम के करीमगंज जिले के एक किशोर अंकुरित करमाकर (Ankurit Karmakar) ने ब्लाइंड लोगों के लिए सेंसर-इनेबल्ड स्मार्ट शू को सफलतापूर्वक डिजाइन किया है। अंकुरित जो अभी 9वीं कक्षा के छात्र है और उनका सपना साइंटिस्ट बनने का है। आइए इनके बारे में जानते है विस्तार से।

कैसे काम करता है अंकुरित करमाकर का स्मार्ट शू (Smart Shoe)
ANI की रिपोर्ट के अनुसार जूते में एक बजर (Buzzer) होता है जो सेंसर को रास्ते में आने वाली बाधा का पता चलने पर बंद हो जाता है।
"अगर रास्ते में कोई बाधा आती या कुछ सामान आ जाता है, तो जूते में सेंसर यानी बज्जर इसका पता लगाएगा और बज्जर अलर्ट देगा। जब बज्जर बजेगा, तो ब्लाइंड व्यक्ति इसे सुन सकेगा और वह सतर्क हो सकता है और उसके अनुसार कार्य कर सकता है। और सामने अगर कुछ आ जाता है तो बच सकते हैं।" ऐसा अंकुरित करमाकर ने एएनआई से बात करते हुए कहा है।
हालांकि इस लड़के के द्वारा बनाया गया यह प्रोडक्ट कितना असरदार होता है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
कौन है अंकुरित करमाकर (Ankurit Karmakar) जिन्होंने बनाया है (Smart Shoe)
यदि हम अंकुरित के बारे में और बताये तो, अंकुरित करमाकर असम राज्य के करीमगंज जिले के रहने वाले हैं और अभी 9वीं कक्षा में पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि उनका सपना वैज्ञानिक बनने का है। इसके अलावा वो ऐसे और डिवाइसेस बनाना चाहते हैं, जिससे लोगों की मदद की जा सके और उनकी लाइफ को आसान बनाया जा सके।
बात के दौरान उन्होंने बताया, 'मैंने स्मार्ट शू (Smart Shoe) ब्लाइंड लोगों के लिए बनाये है, मेरा लक्ष्य साइंटिस्ट बनना है, मैं ऐसे और भी काम करता रहूंगा, जिससे लोगों के जीवन को आसान बनाया जा जा सके।'

2020 में इस लड़की को टाइम्स मैगजीन ने किया था फीचर
युवा आविष्कारकों की बात करें तो भारतीय-अमेरिकी गीतांजलि राव 2020 में टाइम पत्रिका के लिए पहली 'किड ऑफ द ईयर' बनीं थी।
17 वर्षीय, जो कोलोराडो की रहती है, एक वैज्ञानिक और आविष्कारक है। उसी वर्ष, उसने Kindly, एक ऐप और एक क्रोम एक्सटेंशन पेश किया था जो साइबरबुलिंग के शुरुआती संकेतों को नोटिस करने के लिए मशीन लर्निंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है।
वहीं हाल ही में राजस्थान के चुरू जिले के लोकेश राज सिंघी जिन्हें Amazon से 1.18 करोड़ का जॉब पैकेज मिला है। लोकेश राज सिंघी (Lokesh Raj Singhi) जो अगस्त में अमेजन कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर जॉइन करेंगे, आप यहाँ क्लिक करके पूरी स्टोरी जान सकते हैं।


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