Apple Watch Ultra ने बचाई मुंबई डेवलपर की जान; पानी के नीचे जानलेवा स्थिति में बना लाइफसेवर गैजेट
टेक्नोलॉजी अक्सर हमारी जिंदगी को आसान बनाती है, लेकिन कभी-कभी वही टेक्नोलॉजी ज़िंदगी बचाने का काम भी करती है। ऐसा ही कुछ हुआ मुंबई के 26 वर्षीय डेवलपर क्षितिज जोदापे (Kshitij Zodape) के साथ, जिनकी Apple Watch Ultra ने उन्हें पुडुचेरी में स्कूबा डाइविंग के दौरान मौत के मुंह से बाहर निकाला।
क्षितिज का ये अनुभव न सिर्फ डरावना था बल्कि यह साबित करता है कि Apple Watch को सिर्फ फिटनेस ट्रैकर या लक्ज़री स्मार्टवॉच मानना अब पुरानी बात है। यह एक 'रियल-टाइम सेफ्टी डिवाइस' भी बन चुकी है।

पानी के अंदर शुरू हुई जानलेवा स्थिति
सितंबर में क्षितिज अपने इंस्ट्रक्टर के साथ पुडुचेरी में स्कूबा डाइविंग कर रहे थे। पानी के अंदर दृश्यता बेहद कम थी, लेकिन सब कुछ सामान्य चल रहा था, जब तक कि उनकी वेट बेल्ट अचानक खुल नहीं गई।
वेट बेल्ट के खुलते ही उनका शरीर तेजी से ऊपर उठने लगा, जो कि डाइविंग के दौरान बेहद खतरनाक स्थिति मानी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अचानक ऊपर आने से Decompression Sickness (DCS), फेफड़ों का ओवर-एक्सपेंशन, या सतह पर किसी नाव से टकराने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
Apple Watch Ultra की समय पर चेतावनी
क्षितिज ने बताया कि जैसे ही उनका शरीर तेजी से ऊपर की ओर गया, उनकी Apple Watch Ultra ने तुरंत एक 'Rapid Ascent Alert' ट्रिगर किया।
वॉच ने न सिर्फ स्क्रीन पर चेतावनी दिखाई बल्कि तेज वाइब्रेशन और बीप साउंड से ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि मैं यह समझने में व्यस्त था कि मैं नीचे जाने की कोशिश के बावजूद ऊपर क्यों जा रहा हूx। तभी वॉच ने जोरदार अलार्म दिया। मेरे इंस्ट्रक्टर ने आवाज़ सुनी और तुरंत वापस तैरकर आए और मेरी बेल्ट पकड़कर रुकने में मदद की।
इस पूरी घटना के दौरान Apple Watch ने ठीक उसी समय काम किया जब कुछ सेकंड की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती थी। बता दें कि टाइम्स नाउ से बातचीत के दौरान क्षितिज ने सारी जानकारी शेयर की।
टेक्नोलॉजी नहीं, एक 'डाइव कंप्यूटर'
क्षितिज ने बाद में बताया कि उन्हें डाइव खत्म होने के बाद अहसास हुआ कि अगर वॉच ने अलार्म नहीं दिया होता, तो शायद वो मदद नहीं मांग पाते।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक वॉच नहीं है, यह एक भरोसेमंद साथी है जो गलत वक्त पर भी सही तरह से काम करती है।
वॉच के Oceanic+ App ने इस स्थिति में अहम भूमिका निभाई। यह ऐप डाइवर्स के लिए एक तरह का डाइव कंप्यूटर बन जाता है, जो कई सेफ्टी फीचर्स से लैस है।
Oceanic+ App कैसे बचाता है डाइवर्स की जान
Oceanic+ App डाइविंग के दौरान रीयल-टाइम डेटा दिखाता है कि जैसे गहराई, तापमान, ऑक्सीजन लेवल और नो-डीकंप्रेशन लिमिट आदि। अगर कोई डाइवर बहुत तेजी से ऊपर आ रहा होता है, तो यह ऐप 'Excessive Ascent Rate Alarm' देता है - बिल्कुल वही अलर्ट जिसने क्षितिज की जान बचाई।
इसमें कलर-कोडेड वार्निंग सिस्टम भी है।
- पीला रंग - सावधानी की जरूरत
- लाल रंग - तुरंत कार्रवाई करें
वॉच की हैप्टिक वाइब्रेशन इतनी स्ट्रॉन्ग होती है कि कम विज़िबिलिटी में भी डाइवर तुरंत अलर्ट महसूस कर सके। इसके अलावा, अगर कोई डाइवर नो-डीकंप्रेशन लिमिट क्रॉस करता है, तो ऐप उसे अनिवार्य रुकने की जगह (Decompression Stop) और समय बताता है।
Tim Cook को लिखा मेल
क्षितिज ने बाद में अपनी कृतज्ञता जताने के लिए Apple के CEO टिम कुक (Tim Cook) को ईमेल भी लिखा कि मैं Apple Watch Ultra के पीछे की इंजीनियरिंग और सेफ्टी फीचर्स के लिए गहराई से आभारी हूं। जब सच में ज़रूरत थी, तब यह बिना किसी गड़बड़ी के काम करती रही।
शायद आज मैं यहां न होता अगर यह वॉच न होती। टिम कुक ने reportedly उनका मेल रिस्पॉन्ड भी किया और खुशी जताई कि वॉच ने अपना काम सही समय पर किया।
टेक्नोलॉजी जो भरोसे लायक
क्षितिज का अनुभव यह साबित करता है कि Apple Watch Ultra सिर्फ एक फिटनेस वॉच नहीं, बल्कि एक लाइफ-सेविंग डिवाइस है। हर साल, ऐसी कई घटनाएं सामने आती हैं जहां Apple Watch ने गिरने, हार्ट अटैक या एक्सीडेंट के वक्त तुरंत मदद पहुंचाई है।
अब क्षितिज जैसे यूजर्स के अनुभव बताते हैं कि टेक्नोलॉजी, जब सही दिशा में इस्तेमाल हो, तो यह सबसे भरोसेमंद साथी बन जाती है - यहां तक कि समुद्र की गहराई में भी।


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