उत्तर प्रदेश में ब्लू व्हेल गेम का पहला शिकार, 13 साल के बच्चे ने लगाई फांसी
इंटरनेट पर इन दिनों सबसे अधिक जिस खूनी गेम की चर्चा हो रही है वो है ब्लू व्हेल गेम। सोशल मीडिया से लेकर हर जगह इस गेम से बचने की हिदायत दी जा रही है। भारत में भी इस गेम ने अपने शिकार बनाना शुरू कर दिया है, जो कि सबसे पहले मुंबई में हुआ। अब यह गेम यूपी में पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले का रहने वाला पार्थ सिंह को इस खतरनाक खेल का शिकार बना है। रविवार रात को पार्थ अपने कमरे में फांसी से लटका पाया गया। कहा जा रहा है कि पार्थ पिछले कुछ दिनों से Blue whale गेम खेल रहा था।
पिता के फोन में खेल रहा था ब्लू व्हेल गेम
पुलिस का कहना है कि जब पार्थ को फांसी से लटका पाया गया तब उसके हाथ में पिता का फोन था। उस फोन में वही खूनी खेल ब्लू व्हेल चालु था, जिसमें खेलने वाले को 50 चैलेंज में आखिरी में सुसाइड के लिए कहा जाता है। जब पार्थ की बॉडी को नीचे उतारा गया तब यह गेम फोन में चल रहा था।
परिवार को थी जानकरी
पार्थ के परिवार वालों ने खुद पुलिस को बताया कि पार्थ पिछले कुछ दिनों से यह गेम खेल रहा था। उन्होंने पार्थ को इस गेम को न खेलने की हिदायत दी, लेकिन पार्थ नहीं माना। जब भी उसे मौका मिलता वो अपने पिता से बचकर उनके फोन में यह गेम खेलता था।
फ्रेंड की बर्थडे पार्टी
पार्थ को रविवार शाम अपने एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में जाना था। इसके बाजे पार्थ ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। लेकिन जब पार्थ के पिता विक्रम सिंह ने दरवाजा तोड़ा तो पार्थ को फांसी से लटका पाया।
क्लास 6th का छात्र
पार्थ सिंह उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदाहा गाँव का रहने वाला था। वह 13 साल का था और क्लास 6th में पढ़ रहा था।


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