ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर सरकार लगाएगी टैक्स, 17 दिसंबर को GST परिषद की बैठक

GST on Online Gaming companies: ऑनलाइन गेमिंग का क्षेत्र काफी बड़ा और मुनाफेदार है, और इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनियों को किसी भी तरह का टैक्स भरने की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए मामले पर लगाम कसने के लिए वित्त मंत्रियों का पैनल एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाला है। वहीं सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह रिपोर्ट अब तक तैयार नहीं हो पाई है।
हफ्तों से चल रही चर्चा
यह पैनल इस मामले पर हफ्तों से विचार- विमर्श कर रहा है और प्लान करने की कोशिश कर रहा है कि कैसे गेमिंग इंडस्ट्री पर टैक्स लेवी करना चाहिए। भारत सरकार ने 12 ऑनलाइन कंपनियों की पहचान की है जो टैक्स इवेजन में शामिल है। मिली जानकारी के अनुसार, पैनल इस महीने भी किसी तरह के एग्रीमेंट पर पहुंचने की संभावना कम है।
देश में ऑनलाइन गेम है लोकप्रिय
ऑनलाइन गेमिंग पैसे कमाने का एक अच्छा जरिया बन चुका है। ड्रीम 11 या मोबाइल प्रीमियर लीग जैसे ऑनलाइन ऐप पर लोग ज्यादा से ज्यादा समय बिताना पसंद करते हैं। वहीं टाइगर ग्लोबल और सिकोइया कैपिटल जैसे विदेशी निवेशक भी लोकल गेमिंग स्टार्टअप्स का अब देश में सहयोग कर रहे हैं।
17 दिसंबर को होने वाली मीटिंग में...
GST परिषद की बैठक 17 दिसंबर को होने वाली है जिसमें इस रिपोर्ट को प्रस्तुत किया जाना है। फिल्हाल इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। सरकार गेमिंग के क्षेत्र के लिए अलग फेडरल रेगुलेशन तैयार कर रही है। जिसमें पता चला है कि इस क्षेत्र का मुल्य 2026 तक लगभग 57, 000 करोड़ रुपये होगा।
इससे पहले टैक्स इवेजन के मामले में सरकार ने करीब 7 ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को नोटिस भेजा था जिनके पास अच्छे हाई वैल्यू क्लायंट हैं। गेमिंग सेक्टर में टैक्स इवेजन के मामले 70,000 से 90,000 करोड़ रूपये तक जाते हैं, जिसके चलते सरकार को इसके खिलाफ एक नया नियम बना रही है। इसके साथ ही वह इन ऑनलाइन बेटिंग कंपनियों पर भी नजर बनाकर रखी हुई है, और इनके ऑपरेशन की निगरानी कर रही है।


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