PUBG की गलत ख़बर सोशल मीडिया पर हुई वायरल
सोशल मीडिया काफी ज्यादा मजबूत है। हर चीजें सोशल मीडिया में आसानी से पाई जा सकती है। सोशल मीडिया काफी असरदार है, जिसके चलते कोई भी नेगिटिव चीजें हमारे ऊपर काफी असर छोड़ती हैं। कई बार सोशल मीडिया में फैली खबरें सच होती हैं, तो कभी झूठ। चाहे इंस्टेंट मैसेंजर हो या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, झूठी खबरें आग की तरह फैल जाती हैं।

सोशल मीडिया में काफी समय से PUBG Mobile गेम काफी चर्चा में है। यह गेम केवल भारत में ही नहीं दुनियाभर में मश्हूर है। भारत में इसे काफी खेला और पसंद भी किया जा रहा है। लगभग सभी उम्र के लोग इस गेम को काफी पसंद कर रहे हैं। हालांकि इस बढ़ती पॉप्युलेरिटी के चलते PUBG Mobile गेम भारत में गेम फेक न्यूज का शिकार हो रहा है।
महाराष्ट्र कोर्ट ने जारी किया नोटिस ?
PUBG Mobile को लेकर फेसबुक और ट्विटर में तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें बताया गया है कि महाराष्ट्र के हाई कोर्ट ने PUBG Mobile गेम को बैन कर दिया है। बता दें, यह नोटिस गेमिंग कम्युनिटी में बहुत शेयर की जा रही है और प्लेयर्स इससे काफी निराश भी नजर आ रहे हैं। अगर आप भी इस खबर से परेशान हैं तो बता दें, कि यह खबर एकदम झूठ है। फैली गई तस्वीर को ध्यान से देखा जाए तो गलत तरह से लिखे वाक्य को देखने पर साफ पता चलता है कि यह कोर्ट के ऑर्डर का नोटिस लेटर नहीं है।
बता दें, लेटर में 'prejudge' के तौर पर K. Srinivasulu के साइन दिखाई दे रहा है, जबकी इस नाम से सिस्टम में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है। दरअसल इस नाम को कोई जज मौजूद नहीं हैं। सोशल मीडिया में PUBG Mobile गेम बंद होने को लेकर गलत और झूठी खबर फैलाई जा रही है। इतना ही नहीं, Esports ऑर्गनाइजर्स ने बताया कि Tencent Games को कोर्ट की तरफ से कोई भी नोटिस नहीं मिला है। हालांकि भारत में PUBG Mobile की पॉप्युलेरिटी को देखते हुए इवेंट्स प्लान किए जा रहे हैं। जो लोगों को काफी पसंद आएगा।


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