कातिल Blue Whale Game से अपने बच्चों को कैसे बचाएं?
ब्लूव्हेल गेम की चर्चाएं इस वक्त चारों तरफ है। यह गेम कोई मामूली गेम नहीं बल्कि एक किलर गेम है, एक मौत का कुआं, जाल है जिसमें बच्चे लगातार फंसकर इसकी कीमत अपनी जान देकर चुका रहे हैं। भारत में अब तक इस गेम ने 10 बच्चों की जान ली है।

हाल ही में लखनऊ में एक मामला सामने आया है, जिसमें 8वीं क्लास के एक छात्र ने अपनी जान देदी है। कहा जा रहा है कि 8वीं में पढ़ने वाला आदित्य इसी Blue Whale Game का शिकार हुआ हुआ है, हालांकि पुलिस ने इस बारे में कुछ साफ़ नहीं किया है।
क्या है Blue Whale Game
जिन लोगों को जानकारी नहीं है उन्हें बता दें कि इन दिनों इंटरनेट पर Blue Whale Game चल रहा है, इस गेम के लिए कोई ऐप नहीं है। केवल एक लिंक है जिस पर क्लिक करते ही यह गेम आपके फोन या सिस्टम में डाउनलोड हो जाता है। यह गेम इसलिए खतरनाक है क्योंकि इसमें दिए जाने वाले टास्क जानलेवा होते हैं। इस गेम की शुरुआत 2013 में रूस से हुई थी और अब यह पूरी दुनिया में फ़ैल गया है।
क्यों है खतरनाक
करीब 50 टास्क वाला यह गेम यूज़र्स को कई तरह के टास्क देता है, जिसमें कभी हाथ पर ब्लेड से व्हेल बनावाई जाती है तो कभी आधी रात को हॉरर मोवी देखने को कहा जाता है। यह सब हैरान और परेशान करने वाले टास्क यूज़र से फ़ोर्स करके करवाए जाते हैं।
क्यों हो रहे हैं बच्चे इसका शिकार
यह कातिल गेम रूस के एक व्यक्ति ने बनाया है जो कि अब जेल में है। इस गेम से लोगों के दिमाग से खेला जाता है, उन्हें परेशान और टार्चर कर उनसे टास्क कराए जाते हैं। जब यूज़र टास्क पूरा नहीं करता है तो उन्हें धमकियां भी दी जाती है। परिवार को मारने की इन धमकियों से डरकर ही बच्चे ऐसा भयानक काम कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने लगाया प्रतिबन्ध
भारत केंद्र सरकार इस गेम को बैन कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद इस गेम से मौत का सिलसिला जरी है। इन घटनाओं के बाद अब राज्य सरकार भी इस खतरनाक गेम के खिलाफ कदम उठा रही है। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक कमेटी का गठन किया है जो कि सभी स्कूलों में जाकर ब्लू व्हेल गेम के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएंगी।
गुजरात सरकार ने गेम के एडमिनिस्ट्रेटर, क्यूरेटर की सूचना देने पर 1 लाख का ईनाम देने जा फैसला किया है। साथ ही गुजरात सरकार ने एक हेल्पलाइन नंबर 07922871917 भी जारी किया है।
इस गेम से बाहर आया यूपी का शुभम
यूपी बरेली का एक छात्र शुभम, जो कि 17 साल का है वो भी यह गेम खेल चुका है और अभी सही सलामत है। शुभम ने इस गेम को खेला और जब उसे खतरनाक टास्क मिलने लगे तो उसने उन्हें करने से माना कर दिया। शुभम को इसके बाद धमकियां मिलती थी, कि उनके परिवार को खत्म कर दिया जाएगा और उनकी लोकेशन ट्रैक कर ली गई है। धमकियों भरे मैसेज उसे हर समय आते थे। लेकिन शुभम डरा नहीं, बजाय इसके शुभम ने अपने फोन को रिसेट कर दिया और उसे यह मैसेज आना बंद हो गए।
शुभम के मुताबिक इस गेम में टास्क पूरे करने के लिए क्यूरेटर यानी यूज़र को उकसाया जाता है, उनसे कहा जाता है कि तुम यह कर सकते हो। इसके साथ ही घरवालों के खिलाफ भड़काया भी जाता है।
अब सवाल आता है कि इससे बचा कैसे जाए!
इस सवाल का वैसे तो एक सीधा सा जवाब है कि इन फालतू चीजों में न पड़ा जाए। इसके अलावा कोशिश करें कि अपने बच्चों के हाथ में फोन न दें। पूरी निगरानी रखें कि आपका बच्चा फोन में या फिर कंप्यूटर पर क्या कर रहा है। बच्चों से बात करें और उन्हें बताएं कि कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। बच्चों से इस बारे में खुलकर बात करें।
नोट : टीम गिज़बॉट की सभी से यह गुज़ारिश है कि अपने आस-पास इसके बारे में जागरूकता फैलाएं और यदि आपको लगता है कि कोई इस कातिल गेम के जाल में फंसा है तो उनकी मदद जरुर करें।


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