सिर्फ एक लाइक और Facebook पर खुल जाते हैं आपकी प्राइवेट लाइफ के राज
अगर आप फेसबुक इस्तेमाल करते हैं और उस पर आने वाले क्विज और प्रश्नावली गेम भी खेलते हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया पर इस तरह के क्विज के जरिए हम खुद ही अपनी निजी जानकारी शेयर कर देते हैं।
कई रिपोर्ट में सामने आया है कि इस तरह के क्विज में उन टॉपिक पर बात की जानती है, जिन्हें लोग नॉर्मली शेयर नहीं करते हैं।

इसके अलावा सोशल मीडिया पर आपका हर एक लाइक ऐसी कई बातें बता देता है, जो सोचते हैं या आप करना चाहते हैं। कंपनियां आपकी इस निजी जानकारी को चुराकर स्टोर कर लेती हैं।
पसर्नल टॉपिक पर सवाल-
लोगों का डेटा चुराने वाली कंपनियां अपने क्विज में लोगों से ज्यादातर उस बातों पर सवाल करती हैं, जो उनकी निजी जिंदगी से जुड़े होते हैं। लोग सामान्यत: इन टॉपिक पर बात नहीं करते हैं लेकिन क्विज के जरिए ऑप्शन के जरिए उनसे इस तरह के सवालों के जवाब जान लिए जाते हैं।
मनोवैज्ञानिक तरीके से तय होते हैं क्विज-
इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर आपकी पसंद यानी लाइक को भी समझा और उससे निष्कर्ष निकाला जाता है। दरअसल ये एक मनोवैज्ञानिक तरीका है, जिससे लाइक के जरिए आपकी पसंद-नपसंद, सोच, जरूरत, लाइफ स्टाइल आदि के बारे में जानकारी मिल जाती है।
रिलेशनशिप, चाइल्ड ट्रॉमा, ड्रग की लत जैसी जानकारियां निकाली जाती हैं-
अगर आप सोच रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा कुछ विषयों पर आपकी पसंद और न पसंद जान ली जाएगी, तो आप गलत हैं, क्योंकि आपको याद भी नहीं होता है सोशल मीडिया पर आप क्या-क्या लाइक और कमेंट करते हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो आपके कुछ क्लिक ही आपके जेंडर प्रेफरेंस, यौन आचार, रिलेशनशिप, चाइल्ड ट्रॉमा, ड्रग की लत और राजनीतिक विचारों को भी जान लिया जाता है।
कई बार बेचा जाता है आपका निजी डेटा-
ज्यादातर कंपनियां इस डेटा का इस्तेमाल यूजर्स को उसकी पसंद का कंटेंट और प्रॉडक्ट उपलब्ध कराने के लिए करती हैं। इसके अलावा अगर कंपनी को वह यूजर डेटा यूजफुल लगता है, तो उसे दूसरी कंपनियों को भी बेच दिया जाता है।

ईनाम की लालच में यूजर्स दे देते हैं पर्सनल जानकारी-
इसके अलावा किसी वेबसाइट पर लॉगिन और ईनाम जीतने के लालच में भी लोग पर्सनल जानकारी दे देते हैं। इसके अलावा कई ऐप आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री, माइक्रोफोन एक्सेस, फोन गैलरी, मीडिया फाइल एक्सेस करने की परमिशन मांगते हैं और लोग बिना जानें समझे अनुमति दे देते हैं, जिसके बाद आपकी एक्टिविटी रिकॉर्ड की जाने लगती है।
फेसबुक से चुराया गया था यूजर्स का निजी डेटा-
फेसबुक के जरिए लोगों का डेटा चुराने वाली कंपनी केम्ब्रिज एनालिटिका ने भी यही किया था। कंपनी ने एक क्विज पेश किया था, जिसके हर जवाब में लोग एक डॉलर जीतते थे। इस क्विज की एक शर्त थी कि इसे खेलने के लिए अपने फेसबुक अकाउंट से लॉगिन करना होगा। लॉगिन के बाद कंपनी ने बड़ी संख्या में फेसबुक यूजर्स का निजी डेटा चोरी कर लिया था और इसका इस्तेमाल साल 2016 में होने वाले चुनाव में भी किया गया था।


Click it and Unblock the Notifications







