ऑनलाइन वेबसाइट से पुराना फोन खरीद रहे हैं? सावधान! एक गलती पड़ सकती है भारी
आजकल कई लोग ऑनलाइन वेबसाइट्स और री-सेलिंग प्लेटफॉर्म्स से पुराने स्मार्टफोन खरीदना पसंद करते हैं। वजह है कि इनकी कीमत नए फोन की तुलना में काफी कम होती है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि सिर्फ सस्ते के लालच में खरीदार धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं।
अगर सावधानी नहीं बरती तो आपको खराब फोन, ब्लैकलिस्टेड IMEI या चोरी का मोबाइल तक मिल सकता है। कई ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हैं, जो रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन बेचते हैं। ऐसे में अगर आप भी ऑनलाइन पुराना फोन खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको कुछ बातों को जरूर ध्यान रखना चाहिए।

क्यों होता है रिस्क?
नकली या चोरी का फोन - कई बार विक्रेता असली बिल और वारंटी नहीं देता। ऐसे में फोन पुलिस जांच में जब्त भी हो सकता है।
छिपी हुई खराबी - बैटरी, माइक्रोफोन, कैमरा या डिस्प्ले में खामी छिपाकर फोन बेच दिए जाते हैं।
ब्लैकलिस्टेड IMEI नंबर - अगर फोन किसी नेटवर्क पर ब्लैकलिस्टेड है तो वह किसी भी सिम पर काम नहीं करेगा।
नो रिटर्न/नो वारंटी पॉलिसी - कई साइट्स पर सेकेंड हैंड फोन खरीदने के बाद रिफंड या रिप्लेसमेंट का विकल्प नहीं होता।
कैसे करें सुरक्षित खरीदारी?
सिर्फ भरोसेमंद प्लेटफॉर्म चुनें - OLX या Facebook Marketplace जैसे प्लेटफॉर्म से डायरेक्ट डील में रिस्क ज्यादा रहता है। इसके बजाय Amazon Renewed, Flipkart Refurbished, Cashify जैसी सर्विसेस पर भरोसा करना बेहतर है।
फोन का IMEI चेक करें - फोन खरीदने से पहले dial करें *#06# और IMEI नंबर को सरकारी या नेटवर्क वेबसाइट पर चेक करें।
बिल और वारंटी जरूर लें - असली GST बिल और सर्विस सेंटर की शर्तें पढ़ना जरूरी है।
फिजिकल वेरिफिकेशन करें - फोन का चार्जिंग पोर्ट, स्पीकर, कैमरा और बैटरी हेल्थ टेस्ट करें।
पेमेंट में सतर्क रहें - कैश या असुरक्षित लिंक से पेमेंट करने के बजाय UPI/कार्ड/नेटबैंकिंग का विकल्प चुनें।
सावधान रहना बहुत जरूरी
पुराना फोन खरीदना गलत नहीं है, बल्कि यह कई बार किफायती और फायदेमंद साबित हो सकता है। लेकिन सिर्फ कीमत देखकर निर्णय लेना सबसे बड़ी भूल है। अगर आप ऊपर बताए गए सेफ्टी टिप्स को अपनाते हैं तो धोखाधड़ी से बच सकते हैं और सही डील पा सकते हैं। वरना एक छोटी सी गलती आपको हजारों का चूना लगवा सकती है।


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