FASTag Scam: साइबर ठगों से ऐसे बचाएं अपना वॉलेट बैलेंस; एक गलती से लग सकता है चूना!
FASTag Scam: भारत में हाईवे टोल पर घंटों लंबी कतारों से छुटकारा दिलाने के लिए FASTag सेवा शुरू की गई थी। इस स्मार्ट सिस्टम का मकसद था यात्रियों का सफर आसान बनाना, ताकि टोल पर कैश देने की झंझट खत्म हो और पेमेंट सीधे आपके FASTag वॉलेट से कट जाए।
अब यह सुविधा साइबर ठगों के निशाने पर है। हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों के FASTag अकाउंट से पैसे धोखे से उड़ा लिए गए। आइए इसके बारे में जानते हैं।

कैसे हो रहा है FASTag फ्रॉड?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर अपराधी फर्जी लिंक और मैसेज भेजकर लोगों के अकाउंट से पैसे निकाल रहे हैं। यूज़र्स को SMS या व्हाट्सऐप मैसेज मिलता है जिसमें लिखा होता है कि आपका FASTag अकाउंट बंद हो रहा है या फिर KYC अपडेट करनी है। जैसे ही कोई शख्स इस लिंक पर क्लिक करता है, उसके अकाउंट की जानकारी ठगों तक पहुंच जाती है और वॉलेट बैलेंस गायब हो जाता है।
यह तरीका बेहद खतरनाक है क्योंकि ज्यादातर FASTag यूज़र्स अपने वॉलेट में अच्छा खासा बैलेंस रखते हैं, खासकर वे लोग जो रोज़ाना हाईवे से सफर करते हैं। एक क्लिक में हजारों रुपये गायब हो जाना यूज़र्स के लिए चिंता की बात है।
सरकार का नया कदम: एनुअल पास
इसी बीच सरकार ने FASTag को और आसान बनाने के लिए एनुअल पास पेश किया है। यह पास ₹3,000 में मिलता है और एक्टिवेशन की तारीख से 1 साल तक वैध रहता है या फिर अधिकतम 200 ट्रिप्स तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अलग से वॉलेट बैलेंस रखने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
इसलिए जिन लोगों ने एनुअल पास लिया है, वे इस तरह के साइबर फ्रॉड से बचे रहेंगे क्योंकि उनका टोल डायरेक्ट पास से कटेगा। लेकिन जो अब भी वॉलेट बैलेंस पर निर्भर हैं, उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय
अगर आप FASTag यूज़र हैं और वॉलेट बैलेंस का इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ नियमों का पालन करके खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
- अगर कोई कॉल करके आपसे OTP या PIN पूछे तो तुरंत कॉल काट दें।
- FASTag अपडेट या KYC के लिए केवल बैंकों या आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- किसी भी अज्ञात QR कोड को स्कैन न करें। कई बार यही धोखाधड़ी का जरिया बनते हैं।
- समय-समय पर बैलेंस पर नजर रखें।
- अगर कोई संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखे तो तुरंत बैंक और NHAI को रिपोर्ट करें।
- KYC अपडेट या अकाउंट बंद करने जैसी धमकी देने वाले SMS/मैसेज पर भरोसा न करें।
क्यों जरूरी है जागरूकता?
FASTag ने भारत में टोल प्लाजा पर भुगतान प्रणाली को बेहद आधुनिक और आसान बना दिया है। लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल सेवाएं बढ़ रही हैं, साइबर अपराधी भी अपने तरीके बदल रहे हैं। ऐसे में यूज़र्स की थोड़ी सी लापरवाही उन्हें बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।
सरकार और NPCI लगातार डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने पर काम कर रहे हैं, लेकिन साइबर सुरक्षा का पहला कदम खुद यूज़र्स की जागरूकता है।


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