ऑक्टा-कोर और क्वाड-कोर प्रोसेसर में क्या है अंतर ?
पहले के मोबाइल फोन लैंडलाइन फोन के जैसे ही होते थे। उनमें लैंडलाइन जैसी सुविधाएं ही होती थी। जिससे आप सिर्फ कॉल के सिवाय कुछ नहीं कर सकते थे। वहीं आजकल के आधुनिक जमाने में मोबाइल फोन एक तरह से कंप्यूटर ही होते हैं। आजकल के लगभग सभी मोबाइल फोन कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह ही काम करते हैं।
आजकल मोबाइल फोन को कंप्यूटर की तरह उपयोग में लाए जाने के लिए फोन में ऐड-ऑन हार्डवेयर का उपयोग किया जाता है। इन्हीं खास हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के जरिए स्मार्टफोन में खास फीचर डाले जाते हैं। जिसकी वजह से वह एक खास प्रोसेसर पर चलता है।

आजकल स्मार्टफोन में आधुनिक सुविधाओं का अलग-अलग एप्लिकेशन के जरिए फायदा उठा सकते हैं। ये ऐप्स स्मार्टफोन में मौजूद सॉफ्टवेयर के पीस के साथ काम करते हैं। सॉफ्टवेयर के अलग-अलग पीस में प्रोसेसर या एसओसी (चिप पर सिस्टम), सीपीयू और ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) शामिल रहते हैं।
ओपरेशन (इस्तेमाल)
क्वाड-कोर और ऑक्टो-कोर चिप्स के काम अलग-अलग फंक्शन में अलग-अलग होते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है कि प्रत्यके कोर अपना काम सही तरीके से कर पाए। क्वाड-कोर चिप्स में प्रत्येक कोर को एक खास काम के साथ फिट किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रक्रिया तेजी से और बिना किसी प्रॉबलम से हो रही है। ओक्टा-कोर चिप्स में कोर मूल रूप से दो क्वाड-कोर प्रोसेसर में सेट होते हैं, दूसरे सेट की तुलना में सेट में से पहला कोर सेट कम शक्तिशाली होते हैं। ओक्टा कोर की तुलना में इस डिवाइस के लिए "डुअल क्वाड-कोर" एक बहुत अधिक उपयुक्त नाम है।
पावर कंजम्पशन (बैटरी खपत)
पॉवर कंजप्शन यानि स्मार्टफोन में पॉवर की खपत का होना भी कोर पर ही निर्भर होता है। अधिर कोर का मतलब है कि काम करने के लिए बैटरी से ज्यादा पॉवर जनेरेट की जानी चाहिए। इसका मतलब बैटरी की खपत भी ज्यादा होगी।
यही मुख्य कारण है कि आजकल फोन की बैटरी लाइफ कम हो गई है। स्मार्टफोन में हाई-एंड गेम या हाई डेफिनिशन वीडियो चलाने में, संदेश की जांच करने में, होम स्क्रीन पर नेविगेट करने से प्रोसेसर ज्यादा कोर मांगता है मतलब बैट्री की खपत ज्यादा होती है।
ओक्टा-कोर प्रोसेसर को इसका लाभ उठाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कम पॉवर वाले कोरों का सेट जिम्मेदारी लेता है। इसके परिणामस्वरूप सिस्टम की बैटरी पर कम तनाव होता है।

कन्क्लूजन (निष्कर्ष)
दो कोरों की संख्या का मतलब यह नहीं है कि ओक्टा-कोर डिवाइस की प्रोसेसिंग क्षमता दोहरी कोर डिवाइस की तुलना में दोगुना है। अब क्योंकि किसी विषेश समस्या से निपटने के लिए एक साथ चार कोर ही काम करते हैं। ऐसे में क्वाड-कोर डिवाइस के खिलाफ ओक्टा-कोर डिवाइस में प्रक्रियाओं को तेजी से नहीं किया जाता है।
निष्कर्ष में हम आपको यहीं कहेंगे कि ऑक्टा-कोर डिवाइस का एकमात्र फायदा स्मार्टफोन की पॉवर कंजम्पशन का है। यह कोर का सटीक तरीके से इस्तेमाल करते हुए ब्रैटी की क्षमताओं पर पड़ने वाले असर को कम करता है ताकि आजकल के आधुनिया सुविधाओं वाले स्मार्टफोन की बैट्री को भी ज्यादा से ज्यादा बचाया जा सका।


Click it and Unblock the Notifications







