नकली स्मार्टफोन का पता लगाने के 10 तरीके
ये बड़ी समस्या है कैसे पता लगाया जा सके आखिर जो फोन हम ले रहे हैं वो असली है या नकली लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर हम ये पता लगा सकते हैंबकि फोन फेक तो नहीं
हममें से अधिकतर लोगों को स्मार्टफोंस का शोक है। लेकिन कई बार हम इन्हें खरीदते समय कई चीजों पर गौर नहीं करते हैं जिससे कि हम गलत या ड्यूप्लिकेट पीस खरीद लेते हैं।
ऐसा नहीं हो, इसके लिए हम आपको बता रहे हैं कुछ जरूरी चीजें, जिससे आप पता कर पाएंगे कि कहीं आपका फोन नकली तो नहीं है।
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सबसे पहले आप फोन का लुक देखते हैं, इसमें कुछ चीजों पर गौर करना जरूरी है। कंपनी का लोगो, फोन का कलर और डिजाइन सभी सही होना जरूरी है। ये चीजें ध्यान से देखें। प्रॉडक्ट और कंपनी का नाम और लोगो सही है या नहीं डिजाइन और शेड सही है या नहीं, पैकेजिंग कैसी है, रसीद तो फर्जी नहीं है
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ये दोनों चीजें देखना बेहद जरूरी है। आप पहले ये देख लें कि कंपनी ने यह फोन किस-किस रंग में और किस आकार में लॉंच किया है। यदि कुछ गड़बड़ लगे तो डीलर को बताएं।
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फोन को हाथ में लेने से आपको पता चल जाएगा कि यह ज्यादा हल्का या ज्यादा भारी तो नहीं है। देखें कि फोन ज्यादा हल्का और बनावटी सा तो नहीं है। नकली फोन अक्सर ज्यादा हल्के होते हैं क्यों कि इनमें हल्के स्तर के पार्ट्स इस्तेमाल किए जाते हैं।
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नकली फोन में असली की बजाय कुछ फीचर्स कम होते हैं लेकिन कई बार ऐसा भी हो सकता है कि कोई ऐसा फीचर भी हो जो असली मॉडल में है ही नहीं। इन स्मार्ट फोंस में सस्ती चिपसेट भी इस्तेमाल की जाती है जिससे कि प्रोसेसिंग स्पीड कम होती है और फोन हैंग भी होता है।
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कहीं आपका फोन ज्यादा सस्ता तो नहीं है - कहीं आप सस्ते के चक्कर में धोखा ना खा बैठें। प्रोडक्टस पे डिस्काउंट अलग बात है लेकिन उसकी एक सीमा होती है। आप उसकी वास्तविक कीमत देखें, अगर आपको उससे ज्यादा कम कीमत में यह ऑफर किया जा रहा तो कुछ गड़बड़ है।
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मुख्यतः स्मार्ट फोंस पर 1 साल की वारंटी कंपनी द्वारा दी जाती है और खरीदते समय सर्विस सेंटर की लिस्ट भी होती है। अगर फोन नकली है तो उसकी रेपलेसमेंट की गारंटी तो होती ही नहीं है साथ ही वारंटी भी कम समय की ही होती है। इसलिए ये चीजें ध्यान से देख लें। खरीदते समय कस्टमर केयर नंबर और सर्विस सेंटर का नंबर और पता भी जरूर मालूम कर लें।
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हर फोन का एक आईएमईआई नंबर होता है। जीएसएम मोबाइल तो गुम होने पर आईएमईआई नंबर से ही पता किया या ब्लॉक किया जा सकता है। इसलिए फोन का आईएमईआई नंबर होना बेहद जरूरी है।
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अगर आप ऑनलाइन खरीद रहे हैं तो वेंडर रेटिंग जरूर देख लें। अच्छे वेंडर के माल में फर्जी होने की संभावना कम होती है। अगर फोन अच्छी रेटिंग वाली ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी जैसे कि फ्लिपकार्ट, अमेज़न, होम शॉप 18, स्नेप्डील आदि के खुद के स्टोर पर रखा हुआ है तो नकली होने के अवसर कम होते हैं।
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एंड्रायड में कुछ ऐसी एप्प्स भी हैं जो हार्डवेयर से संबन्धित जानकारी प्रदान कर नकली फोन का पता लगाने में आपकी मदद करती हैं। जैसे कि सीपीयू जेड,एमआई आइडेंटिफिकेशन आदि ऐसी ही एप्लिकेशन हैं।
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नकली फोन के हार्डवेयर बटन में बदलाव होता है। इसलिए इसे वास्तविक और असली मॉडल से मैच कर लें। कुछ अंतर दिखने या शंका होने पर डीलर से संपर्क करें।


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