जानिए नंबर पोर्ट कराने की कुछ अहम बातें

By GizBot Bureau

    हमारे आस-पास की टेक्नोलॉजी काफी विकसित हो गई है। हमें जब भी कुछ जानना होता है, तो हमें आसानी से हमारे स्मार्टफोन पर ही पता लग जाता है। स्मार्टफोन के साथ-साथ हमारी टेलिकॉम कंपनियां भी काफी स्मार्ट हो गई है। पहले हमें कोई अलग ऑपरेटर लेने के लिए अपना नंबर बदलना पड़ता था जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था, लेकिन एमएनपी यानी, मोबाइल नंबर पोर्टबिलिटी आने के बाद यूजर्स को काफी आराम मिला है। अब हम कुछ ही प्रक्रिया से अपना सिम नंबर बदले बिना दूसरे नेटवर्क को चुन सकते हैं।

    जानिए नंबर पोर्ट कराने की कुछ अहम बातें

    एमएनपी का इस्तेमाल करने के लिए सबसे जरूरी बात है कि आपका नंबर पिछले 90 दिनों तक एक्टिव होनी चाहिए। इतना ही नहीं, एमएनपी का इस्तेमाल करने से पहले आपको अपने नेटवर्क के सारे पुराने बिल्स को भरना बेहद जरूरी है वरना आप एमएनपी फाइल नहीं कर सकते हैं। हम आपको एमएनपी से जुड़ी कुछ चीज़ों के बारे में बताते हैं जिससे आपको काफी मदद मिलेगी।

    सबसे पहले हमें एक नेटवर्क चुनने की जरूरत होती है जिसमें हमे अपना नंबर पोर्ट कराना होता है। जाहिर सी बात है कि हम अपना नंबर पोर्ट ज्यादा अच्छे नेटवर्क कवरेज या दूसरे टेलिकॉम कंपनियों द्वारा दिए गए बेहतर ऑफर्स के लिए करते हैं। पोर्टिग फोर्म को भरने के लिए आपको यूनिट पोर्टिंग कोड की जरूरत होती है। आपको 1900 में PORT Mobile Number लिखकर एसएमएस भेजना होता है। हालांकि जम्मू और कश्मीर में इसकी प्रक्रिया कुछ अलग है। वहां आपको 1900 पर कॉल करके सभी जरूरी जानकारी वेरिफाई करानी होती है। अगर पोर्ट की सुविधा आपको घर बैठे नहीं मिल सकती है तो आपको अपने नजदीकी ऑपरेटर सेंटर में जाकर पोर्टिंग फोर्म या CAF फोर्म भरना होता है।

    फोर्म के साथ आपको बाकी जरूरी कागज़ाद जैसे पासपोर्ट साइज़ फोटो, ड्राइविंग लाइसेंस, लैंडलाइन बिल, आधार कार्ड, पहचान पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, बिजली के बिल, बैंक की तीन महीने की स्टेटमेंट और पुराना चुकाए बिल की फोटो कॉपी जमा करानी होती है। इन सभी के बाद आपको एक सिम दी जाती है। सभी पोर्ट सर्विस का चार्ज कंपनी तय करती है, उसी हिसाब से आपको राशि जमा करानी होती है।

    आपकी सिम को पोर्ट होने मे कम से कम 7 दिन का समय लगता है हालांकि बाकी राज्यों जैसे असम, जम्मू और कश्मीर में 15 दिन तक का समय भी लग जाता है। पोर्ट की जानकारी आपको एसएमएस के द्वारा मिलती रहती है। जब तक आपका पूराना सिम पोर्ट नहीं हो जाता तब तक आप उसे इस्तेमाल कर सकते हैं। सिम बंद हो जाने पर मिला नया सिम अपने फोन पर लगा सकते हैं। करीबन घंटे बाद आपके फोन में नेटवर्क आ जाएंगे। इसके बाद आप अपने उसी नंबर पर नए नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    English summary
    MNP i.e., after the number of mobile number portability, users have found considerable comfort. Now we can choose another network without changing our SIM number with just a few process. We tell you about some things related to MNP which will help you a lot.
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