इन देशों की इंटरनेट स्पीड जानकर रह जाएंगे दंग, भारत लिस्ट में बहुत पीछे?
जब इंटरनेट की रफ्तार की बात होती है, तो आंकड़े अक्सर चौंका देने वाले होते हैं। एक समय था जब भारत में तीव्र गति एक दूर की सोच थी, लेकिन आज का इंटरनेट युग तेजी से बदल रहा है। बावजूद इसके ग्लोबल लेवल पर देखा जाए तो भारत अभी भी कई देशों से पीछे है और वो देश जो अपनी स्पीड से सबको पीछे छोड़ देते हैं, उनकी लिस्ट जानकर आप हैरान रह जाएंगे।
सबसे पहले बात करें मोबाइल इंटरनेट स्पीड की तो Speedtest Global Index के अनुसार, 2025 में भारत की मीडियन डाउनलोड स्पीड लगभग 133.51 Mbps दर्ज की गई है, जिससे भारत दुनिया में 26वें स्थान पर है। हालांकि यह आंकड़ा पिछली तुलना की स्थिति से बेहतर है, लेकिन जब टॉप देशों की स्पीड का माप लिया जाए, तो फर्क बहुत बड़ा है।

अब बात करते हैं ब्रॉडबैंड/ फिक्स्ड इंटरनेट स्पीड की। DataPandas की रिपोर्ट बताती है कि मई 2025 तक भारत की औसत ब्रॉडबैंड स्पीड 61.66 Mbps थी, और भारत 95वें स्थान पर था।
इस रैंकिंग से स्पष्ट होता है कि घरों और ऑफिसों में इस्तेमाल होने वाले इंटरनेट की गति कई विकसित देशों से कहीं कम है। तो कौन हैं वो देश जो इंटरनेट की रफ्तार में भारत को पीछे छोड़ जाते हैं?
कहां है रॉकेट जैसी स्पीड?
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर जैसे देशों में मोबाइल और ब्रॉडबैंड दोनों स्पीड बेहद ऊँची पाई जाती हैं। चीन, सउदी अरब, दक्षिण कोरिया जैसे देश टॉप लिस्ट में हैं, जहाँ 200 Mbps या उससे ऊपर की स्पीड आम हो सकती है।
सिंगापुर, हांगकॉंग, जर्मनी, स्वीडन, आदि देशों की फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड अमूमन 200-300 Mbps या उससे अधिक होती है।
क्यों कम है भारत में स्पीड
भारत में इंटरनेट स्पीड कम रहने के कई कारण हैं। ढीली नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर, अधिक संख्या में यूजर्स, स्पेक्ट्रम सीमाएं और ग्रामीण इलाकों में कमी। साथ ही, कई स्थानों पर इंटरनेट सर्विस ऑपरेटर के बीच प्रतिस्पर्धा कम है, जिससे निवेश कम होता है। लेकिन ये स्थिति बदलने की पूरी संभावना है।
भारत में फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क विस्तार हो रहा है, 5G नेटवर्क धीरे-धीरे सभी क्षेत्रों में पहुँच रहा है, और सरकारें डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रमों के जरिए उच्च गति इंटरनेट पहुंचाने पर जोर दे रही हैं।


Click it and Unblock the Notifications








