जानें हमारी जिंदगी को स्मार्टफोन कैमरा कैसे बनाते हैं स्मार्ट
आजकल की स्मार्ट दुनिया में अपनी जिंदगी के सुनहरे और खास लम्हें को हमेशा के लिए यादगार बनाना काफी आसान हो गया है। हालांकि कुछ दशकों पहले यह काम आसान नहीं था लेकिन आजकल के आधुनिक कैमरा स्मार्टफोन ने हमारी दुनिया को भी काफी स्मार्ट बना दिया है। आजकल आप अपने लाइफ के किसी भी मेमोरेबल टाइम को हमेशा के लिए यादगार बना सकते हैं और इसके लिए आपको किसी बड़े कैमरा या डीएसएलआर जैसी चीजों की जरूरत नहीं है। इसके लिए तो बस आपका स्मार्टफोन कैमरा ही काफी है। आजकल के लगभग सभी स्मार्टफोन में इतनी खूबियां हैं कि वो आपके किसी भी पसंदीदा पिक्चर को एक शानदार लुक में कैप्चर कर सकती है। तो आइए आपको हम आजकल के हाईटेक स्मार्टफोन के कैमरा की कुछ खास जानकारी बताते हैं।

मेगापिक्सल (MP)
जब हम किसी भी सुपरफोन कैमरे की बात करते हैं तो मेगापिक्सल एक ऐसी चीज़ है जो सबके दिमाग में आती है। पिक्सेल लाखो छोटी- छोटी इकाइयों से बना है। एक एमपी का मतलब है दस लाख पिक्सेल एक स्मार्टफोन के कैमरे में जितने ज्यादा पिक्सल होगें, उतनी ही अच्छी तस्वीर कैमरा खिंचता है।
अपर्चर ( F/stop)
अपर्चर कैमरा का एक छेद होता है। जबकि हमारी आंखों में प्यूपिल और कैमरा सेंसर के माध्यम से लाइट की अमाउंट को कंट्रोल करता है। यह f/1.5, f/2.4 और इसी तरह के रूप में दर्शाता है। नीचे मिले अपार्चर का मतलब है कि लेंस के माध्यम से ज्यादा लाइट गुजर सकती है।
ऑपटिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन
मूविंग लेन्स एलिमेंट और जीरोस्कोप सेंसर का इस्तेमाल लेंस तत्वों को यहां-वहां ले जाने और ऊपर नीचे करने के लिए किया जाता है। कम लाइट में फोटो और वीडियो रिकोर्ड करना इस फीचर के जरिए काफी आसान हो जाता है।
शटर स्पीड
शटर स्पीड के जरिए हम फोटो की ब्राइटनेस को कंट्रोल कर सकते हैं। कम शटर स्पीड होने से आपकी फोटो को काफी ब्राइटनेस मिलती है। शटर स्पीड के इस्तेमाल से आप कम लाइट मे भी काफी अच्छी फोटो केप्चर कर सकते हैं।
आईएसओ
आईएसओ मौजूद लाइट के लिए आपके कैमरे की सेंसिविटी तय करता है। जिसकी वजह से आप कम लाइट में भी बेहतर फोटो क्लीक कर सकते हैं। कैमरों के लिए फोटो की सेंसिविटी रेटिंग आईएसओ ही बनाता है जो अंतरराष्ट्रीय मानक संगठन के लिए खड़ा है।
डेप्थ ऑफ फील्ड
डेप्थ ऑफ फील्ड से हम अपनी फोटो के खास हिस्से पर फोकस करते हैं। अगर आपकी फोटो में सब फोकस में है तो इसका मतलब यह है कि इसमें डेप्थ ऑफ फील्ड है। अगर आपकी इमेज के पास सिर्फ फोरग्राउंड और बैकग्राउंड फोकस में है तो इसका मतलब है कि फोटो में कम डेप्थ ऑफ फील्ड इस्तेमाल किया गया है।
फ्लैश
हर कैमरे में आजकल फ्लैश का काफी बड़ा रोल होता है। वैसे तो कैमरा सटीक लाइट में अच्छी पिक्चर क्लिक करता है लेकिन कई बार ऐसी परिस्थितियां आती है जब स्पॉट पर लाइट की कमी होती है और पिक्चर क्लिक करने के लिए कैमरा को पर्याप्त लाइट नहीं मिल पाती है। ऐसे में आपको फ्लैश की जरूरत पड़ती है। फ्लैश का मतलब आपके कैमरा के लिए स्मार्टफोन में लगा एलईडी लाइट। आप जब कम लाइट वाली जगह में अपने स्मार्टफोन का फ्लैश ऑन करते हैं तो एलईडी लाइट जलती है जो उस वक्त आपके इमेज सब्जेक्ट के लिए पर्याप्त लाइट देती है। जिसके बाद आप शानदार पिक्चर क्लिक कर सकते हैं।


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