देखिए...! हैकर्स कैसे आपके क्रेडिट / डेबिट कार्ड की डिटेल्स चुरा लेते हैं
आपने जालसाजी की कई खबरें सुनी होगी। हैकर्स यूजर के डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड को हैक कर उनका गलत इस्तेमाल करते हैं। ये वो प्रोसेस होता है जिसका यूज़ हैकर्स ज्यादातर क्रेडिट कार्ड डेटा चोरी करने के लिए यूज़ करते हैं जिसे फॉर्मजैकिंग के रूप से जाना जाता है। असल में, फॉर्मजैकिंग एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें हैकर मेलिसियस जावास्क्रिप्ट कोड को अलग अलग शॉपिंग साइटों के पेमेंट चेकआउट वेब पेजेस में इंजेक्ट करते हैं। इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें ताकि आप जाने सकें कि कैसे अपने डेबिट या क्रेडिट को आप सुरक्षित रख सकते हैं।

हैकर्स कैसे आपका क्रेडिट / डेबिट कार्ड डेटा चुरा लेते हैं?
खैर, अब दिवाली आने वाली है, ऐसे में हैकर्स लोगों को फंसाकर उनका दीवाला निकालने के लिए अपनी किस्मत जरुर आजमाएंगे। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि दीवाली से पहले, सभी लोग ऑनलाइन शॉपिंग करना शुरू कर देते हैं। हालांकि, आप शॉपिंग करते हुए सावधान भी रहें, क्योंकि ऐसा लगता है कि हैकर्स अब क्रेडिट कार्ड डेटा चोरी करने के लिए वेबसाइट पर चेक आउट पेज को टारगेट कर रहे हैं।
फॉर्मजैकिंग
बता दें कि फॉर्मजैकिंग एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें हैकर मेलिसियस जावास्क्रिप्ट कोड को अलग अलग शॉपिंग साइटों के चेकआउट वेब पृष्ठों में इंजेक्ट करते हैं। इसलिए, जब कोई उपयोगकर्ता खरीद को पूरा करने के लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड के डिटेल्स में प्रवेश करता है, तो जानकारी तुरंत हैकर्स के हाथों लग जाती है।
इतना ही नहीं, नॉर्टन ने यह भी दावा किया है कि फॉर्मजैकिंग प्रयास में भारी वृद्धि चिंताजनक विषय है। साइबर सुरक्षा कंपनी ने यह भी दावा किया कि इस साल फॉर्मजैकिंग प्रयास बड़े पैमाने पर और पहले से अधिक किया गया हैं।
फॉर्मजैकिंग आखिर काम कैसे करता है?
फॉर्मजैकिंग हैकर्स द्वारा सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली हैकिंग तकनीकों में से एक है। मान लीजिए कि आप अमेज़ॅन से एक प्रोड्क्ट खरीद रहे हैं और आपने क्रेडिट कार्ड से खरीद के लिए भुगतान करने का फैसला किया है। भुगतान के अंतिम पेज पर, जहां आपको क्रेडिट कार्ड की जानकारी दर्ज करने के लिए कहा जाएगा, वहीं मेलिसियस जावास्क्रिप्ट इंजेक्शन में शामिल होता है और यह आपके द्वारा दर्ज किए गए सभी डेटा एकत्र करता है और इसे हैकर के सर्वर पर भेजता है। क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल करने के बाद, हमलावर डिटेल का इस्तेमाल जहां भी चाहें आसानी से कर सकता है।
इस हैकिंग अटैक को डरावना क्या बनाता है?
इस साल हमने एक फॉर्मजैकिंग कैंपेन को देखा है जिसे मैजक्राफ्ट नाम के ग्रुप के द्वारा चलाया गया था। हमले ने टिकट मास्टर, ब्रिटिश एयरवेज, फीडफी और न्यूगेग को टारगेट किया। ये छोटी कंपनियां नहीं हैं, ये सभी अच्छी तरह से स्थापित और पॉपुलर ई-कॉमर्स पोर्टल हैं।
आपको बताते चलें कि फॉर्मजैंकिंग के अलावा कई तरीके और भी हैं, जिससे हैकर्स आपकी जानकारी चुरा सकते हैं। जैसे डेटा स्कमिंग डिवाइस में अगर आप अपना कार्ड स्वाइप करते हैं तो आपके कार्ड की पूरी जानकारी कॉपी हो जाती है। इसके अलावा फेक वेबसाइट, जहां अगर आपका पेमेंट करते हैं तो भी कार्ड की जानकारी हैकर्स को मिल जाती है। थर्ड पार्टी से ऐप डाउनलोड करना और जरिए पेमेंट करना भी आपके लिए महंगा पड़ सकता है।


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