स्टेबलाइजर के साथ AC चलाना चाहिए या नहीं, कहीं ये भूल आप तो नहीं कर रहे?
गर्मी के मौसम में AC की डिमांड तेजी से बढ़ जाती है और इसी के साथ एक बड़ा सवाल भी उठता है। क्या AC के साथ स्टेबलाइजर लगाना जरूरी है या नहीं? कई लोग बिना सोचे-समझे या पुराने अनुभव के आधार पर स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करते हैं, जबकि आज की टेक्नोलॉजी काफी आगे बढ़ चुकी है।
ऐसे में आपको ये जानना जरूरी है कि क्या आप भी कोई बड़ी गलती तो नहीं कर रहे? अगर बड़े नुकसान से बचना है तो आपको कुछ गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए।

इनवर्टर AC में स्टेबलाइजर की जरूरत नहीं
आज के ज्यादातर इनवर्टर ACs में इनबिल्ट वोल्टेज रेगुलेटर आता है, जो बिजली की वोल्टेज में उतार-चढ़ाव को खुद से हैंडल कर सकता है। इन ACs को खासतौर पर ऐसे इलाकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहां वोल्टेज फ्लक्चुएशन एक आम समस्या है। इसलिए अगर आपके पास कोई नया इनवर्टर AC है, तो इसमें अलग से स्टेबलाइजर लगाने की जरूरत नहीं होती।
कब जरूरी है स्टेबलाइजर?
अगर आपके इलाके में वोल्टेज बहुत ज्यादा गिरता या बढ़ता है (जैसे 160V से नीचे या 270V से ऊपर) और आपका AC इनबिल्ट स्टेबलाइजर सपोर्ट नहीं करता, तो एक्सटर्नल स्टेबलाइजर लगाना जरूरी हो जाता है। ये आपके AC को शॉर्ट सर्किट या अन्य इलेक्ट्रिकल डैमेज से बचाता है। खासकर पुराने मॉडल्स वाले नॉन-इनवर्टर ACs के लिए स्टेबलाइजर एक जरूरी सेफ्टी गैजेट है।
स्टेबलाइजर के नुकसान?
अगर आप एक मॉडर्न इनवर्टर AC में बिना जरूरत स्टेबलाइजर लगाते हैं, तो यह पावर लॉस, हीटिंग और यहां तक कि परफॉर्मेंस पर भी असर डाल सकता है। साथ ही स्टेबलाइजर के खुद खराब होने का भी रिस्क रहता है। यानी सेफ्टी के नाम पर आप नाजायज खर्च और नुकसान दोनों झेल सकते हैं।
क्या करें?
- अगर नया इनवर्टर AC है, तो पहले मैन्युअल चेक करें- क्या उसमें इनबिल्ट वोल्टेज प्रोटेक्शन है।
- अगर AC पुराना है या इनवर्टर नहीं है, तो ब्रांडेड वोल्टेज स्टेबलाइजर जरूर लगाएं।
- वोल्टेज की समस्या होने पर एक बार इलेक्ट्रिशियन से सलाह लें।
बिना जरूरत स्टेबलाइजर लगाना नुकसानदायक हो सकता है। सही जानकारी लेकर ही फैसला करें ताकि आपका AC लंबे समय तक सुरक्षित और एफिशिएंट बना रहे।


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