खरीदा है पुराना फोन? आ रही है ये परेशानी, तो समझ लीजिए हो चुका है खेल!
Used smartphone problems: अगर आपने हाल-फिलहाल में कम दाम में कोई पुराना या सेकेंड हैंड स्मार्टफोन खरीदा है और अब उसमें बैटरी तेजी से खत्म हो रही है, फोन बार-बार हैंग कर रहा है या ऐप्स अचानक बंद हो जाते हैं, तो सावधान हो जाइए। कुछ ऐसे संकेत हैं जो बताते हैं कि आपका फोन अब उस हालत में नहीं है, जैसा आपको बताया गया था। अगर खरीदारी जल्दबाजी में हुई है, तो यह सस्ते में महंगा सौदा साबित हो सकता है।
इतना ही नहीं, कई बार पुराने फोन में रिपेयर किए गए पार्ट्स लगे होते हैं, जैसे लोकल बैटरी या थर्ड-पार्टी स्क्रीन, जो कुछ हफ्तों में ही दिक्कत देने लगते हैं। इसलिए किसी भी पुराने या सस्ते फोन को खरीदने से पहले उसकी पूरी हिस्ट्री और ऑथेंटिसिटी की जांच जरूर कर लें।

क्या-क्या आती हैं परेशानियां?
- सैकड़ों यूजर्स ऐसे अनुभव साझा करते हैं जिनमें फोन कुछ ही हफ्तों में स्लो होने लगता है या फंक्शन सही से नहीं चलते। इसकी मुख्य वजहें ये होती हैं।
- बैटरी हेल्थ गिर चुकी होती है, जिससे चार्जिंग तेजी से खत्म होती है और ओवरहीटिंग की समस्या भी आती है।
- सॉफ्टवेयर अपडेट मिलना बंद हो चुका होता है, जिससे सिक्योरिटी रिस्क और ऐप कम्पैटिबिलिटी की समस्या होती है।
- पुराना प्रोसेसर नए ऐप्स को ठीक से सपोर्ट नहीं कर पाता, जिससे फोन हैंग करने लगता है।
- कई बार स्क्रीन, कैमरा या सेंसर में पहले से नुकसान होता है, जो धीरे-धीरे नजर आता है।
क्या करें ऐसी गलती से बचने के लिए?
- अगर आप पुराना फोन लेने का मन बना रहे हैं, तो इन बातों का खास ख्याल रखें।
- हमेशा ब्रांडेड या सर्टिफाइड रिफर्बिश्ड फोन को प्रायोरिटी दें, लोकल दुकानों से नहीं।
- फोन खरीदते समय बैटरी हेल्थ, OS वर्जन, स्टोरेज और कैमरा टेस्ट जरूर करें।
- बिल, वॉरंटी और रिटर्न पॉलिसी की जानकारी पक्की करें।
- यूट्यूब या गूगल पर उस मॉडल के रीयल यूजर रिव्यू जरूर देखें।
पुराना स्मार्टफोन लेना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है, बशर्ते आप उसकी जांच-पड़ताल सही तरीके से करी गई हो। वरना सस्ते के चक्कर में ऐसा नुकसान हो सकता है जो आपके बजट और भरोसे दोनों पर भारी पड़ जाए।


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