जैमर क्या है? कैसे करता है इंटरनेट और कॉल ब्लॉक, नेताओं को क्यों पड़ती है जरूरत?
भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों में आए दिन "जैमर" (Jammer) शब्द सुर्खियों में रहता है। आपने भी अक्सर सुना होगा कि चुनावी सभाओं, वीवीआईपी विजिट या जेलों में जैमर लगाए गए हैं। लेकिन आखिर ये जैमर होते क्या हैं, कैसे काम करते हैं और नेताओं को इनकी जरूरत क्यों पड़ती है? आइए विस्तार से समझते हैं।

जैमर क्या है?
जैमर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जो मोबाइल फोन, वाई-फाई, GPS या रेडियो सिग्नल जैसी वायरलेस कम्युनिकेशन सेवाओं को बाधित कर देता है। आसान भाषा में कहें तो जिस इलाके में जैमर लगाया जाता है, वहां मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट कुछ समय के लिए बंद हो जाता है।
कैसे करता है काम?
हर मोबाइल फोन कॉल करने या इंटरनेट चलाने के लिए एक रेडियो फ्रिक्वेंसी का इस्तेमाल करता है। जैमर डिवाइस इन फ्रिक्वेंसी पर तेज रेडियो सिग्नल छोड़ता है, जिससे असली नेटवर्क सिग्नल दब जाते हैं। नतीजतन फोन नेटवर्क से कनेक्ट नहीं हो पाता और कॉल या इंटरनेट काम करना बंद कर देते हैं।
कहां-कहां होता है इस्तेमाल?
- जेलों में - ताकि कैदी मोबाइल फोन से बाहर संपर्क न कर पाएं।
- परीक्षाओं में - नकल रोकने के लिए कई बार एग्जाम हॉल में जैमर लगाए जाते हैं।
- सुरक्षा स्थलों पर - जैसे संसद, रक्षा प्रतिष्ठान और संवेदनशील सरकारी दफ्तर।
- वीवीआईपी मूवमेंट में - नेताओं, मंत्रियों या राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री की सुरक्षा के दौरान।
नेताओं को क्यों है जरूरत?
चुनावी सभाओं या सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं की सुरक्षा बेहद अहम होती है। जैमर का इस्तेमाल मुख्य रूप से दो कारणों से किया जाता है।
- बम और ड्रोन से सुरक्षा - आजकल कई बम या ड्रोन मोबाइल सिग्नल से एक्टिवेट किए जा सकते हैं। जैमर इन्हें रोक देते हैं।
- अनचाहे कम्युनिकेशन को ब्लॉक करना - ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा सभा स्थल पर मोबाइल नेटवर्क का दुरुपयोग न हो सके।
- यही वजह है कि बड़े नेताओं की रैलियों, रोड शो या यात्रा मार्ग पर मोबाइल इंटरनेट अस्थायी रूप से बंद हो सकता है।
क्या हैं दिक्कतें?
जैमर सुरक्षा के लिहाज से अहम हैं, लेकिन इनके कारण आम जनता को भी दिक्कत होती है। कॉल ड्रॉप, इंटरनेट बंद होना, डिजिटल पेमेंट फेल होना जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
क्या आम आदमी खरीद सकता है जैमर?
भारत में आम नागरिक के लिए जैमर खरीदना या इस्तेमाल करना कानूनी रूप से मना है। ऐसा इसलिए क्योंकि जैमर से पब्लिक नेटवर्क और सेवाएं बाधित होती हैं, जिससे इमरजेंसी कॉल्स तक प्रभावित हो सकती हैं। भारत सरकार के नियमों के मुताबिक, सिर्फ रक्षा, सुरक्षा एजेंसियां और अधिकृत सरकारी संस्थान ही जैमर का इस्तेमाल कर सकते हैं।


Click it and Unblock the Notifications








