हाईपरलूप बदल कर रख देगा आपके ट्रेवल का तरीका!
मीलों दूर यात्रा करने के लिए आपके पास मात्र एक ही विकल्प होता है- हवाई यात्रा। इसके लिए आपको तीन घंटे पहले ही एयरपोर्ट पर कैब वाले को भारी कीमत देकर पहुँचना होता है और चेकइन, सिक्योरिटी आदि प्रक्रिया में काफी थकान हो जाती है। उसके बाद, जब आप हवाई जहाज में सवार हो जाते हैं तो आपको घंटों तक हवाई यात्रा करनी पड़ती है। उतरने के बाद भी आपको शहर से दूर ही एयरपोर्ट पर उतरना पड़ता है, ऐसे में विदेश यात्रा थकान भरी महसूस होती है।
लेकिन हाल ही में एक नई तकनीकी को ईजाद करने की कोशिश चल रही है। इस तकनीकी को हाईपरलूप का नाम दिया गया है। इससे आप कुछ ही समय में लम्बी यात्रा को बिना किसी समस्या के कर सकते हैं। जानिए हाईपरलूप से होने वाली यात्रा के बारे में कुछ रोचक बातें:
#1
हाईपरलूप, एक ट्यूबलर ट्रांसपोर्ट प्रणाली है, जिसमें सभी यात्रियों को एक कैप्सुल में बैठाकर, 700 मील प्रति घंटा की रफ्तार से उनके गंतव्य स्थल तक पहुँचा दिया जाएगा।
#2
हाईपरलूप की खोज, टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ, इलॉन मस्क ने सबसे पहले की। उन्होंने सबसे पहले इस अवधारणा को प्रतिपादित किया और शोध कार्य करके व्हाइट पेपर पेश किया।
#3
हाईपरलूप से सुलभ और आसान यात्रा का लाभ सभी यात्री उठा पाएंगे। यह सिटी सेन्टर से सिटी सेन्टर तक की यात्रा होगी, जिसमें शहर से दूर स्टेशन नहीं होगा।
#4
हाईपरलूप की यात्रा के लिए यात्रियों को टिकट लेने की लम्बी लाइन में नहीं लगना होगा। इसमें सिस्टम को इस तरह से तैयार किया जाएगा कि किसी भी यात्री को टिकट के लिए समस्या न हो। बोर्डिंग पास, लगेज लेबल आदि को भी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ही लगा दिया जाएगा।
#5
इसमें सीटों को ऐसे डिजाइन किया जाएगा कि यात्री आराम से पैर फैलाकर बैठ पाएं और अपने सामान को भी अपने साथ ही रख पाएं।
#6
हाईपरलूप की यात्रा को सस्ता बनाएं जाने की पहल की जा रही है। जब इसका व्हाइट पेपर पेश किया गया था तो उसमें एक ओर के किराए को अधिकतम 20 डॉलर रखने की बात कही गई थी, जोकि ऐसी यात्रा के लिए मंहगी कीमत नहीं होगी।


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