रिफर्बिश्ड फोन लेने से पहले ध्यान में रखें ये 6 बातें
स्मार्टफोन खरीदना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन इसके लिए एक बड़ा हिस्सा आपको निवेश करना पड़ता है। अगर आपका बजट कम है तो ऐसे में रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन लेकर आप काफी पैसे बचा सकते हैं। चलिए सबसे पहले ये जानते हैं रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन या फिर रिफर्बिश्ड गैजेट कहते किसे है। ये वो गैजेट होते हैं जिन्हें मरम्मत करके उन्हें पूरी तरह से टेस्ट करने के बाद दोबारा बेचा जाता है।
जैसे किसी फोन का जैक खराब है लेकिन बाकी पूरा फोन सही काम करता है तो उसमें नया जैक लगाकर उसे दोबारा ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर में बेचा जाता है। लेकिन इस दौरान इसकी कीमत में काफी कैटोती कर दी जाती है। कभी-कभी 4-महिने तक के फोन रिफर्बिश्ड प्लेटफार्म में बिक्री के लिए उपलब्ध होते हैं। हालाकि इन्हें खरीदने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

1. वारंटी की जांच करें: जब आप किसी रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन को खरीदते हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि उसके साथ एक अच्छी वारंटी मिले। अच्छी वारंटी आपको भविष्य में किसी भी तरह की समस्या से बचाएगी। खासकर बैटरी और स्क्रीन जैसे महंगे कंपोनेंट के लिए वारंटी की मांग करें। कई कंपनियां अलग-अलग कंपोनेंट के लिए अलग-अलग वारंटी देती हैं।
2. डिवाइस के सभी कंपोनेंट चेक कर लें: चेक करें कि रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की स्क्रीन, बैटरी और दूसरे भागों की हालत कैसी है। यानी फोन का फिजिकल इंपेक्शन कर लें और साथ ही फोन का हार्डवेयर कैसा है वो भी देख लें। फोन में किसी भी प्रकार की दरार, खरोंच तो नहीं है इसकी भी जांच कर लें। अगर आप ऑनलाइन रिफर्बिश्ड फोन खरीद रहे हैं, तो उसकी तस्वीरों की मांग करें।
3.साफ्टवेयर अपडेट चेक कर लें: फोन लेने से पहले पता करें कि डिवाइस किस ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहा है और उसमें लेटैस्ट सॉफ़्टवेयर अपडेट मिलेगा। नए सॉफ्टवेयर अपडेट आपकी डिवाइस को लेटेस्ट सिक्योरिटी देता है साथ ही नए फीचर्स भी मिलते हैं। यदि डिवाइस पुराना है और सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं मिलेगा, तो आगे चलकर ये एक एक समस्या हो सकती है।
4. बैटरी की जांच करें: ज्यादातर रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन में बैटरी की समस्या देखने का मिलती है। फोन खरीदते समय बैटरी की कैपेसिटी और हेल्थ की भी जांच करें। एक कमजोर बैटरी आपके एक्सपीरियंस को खराब कर सकती है। बैटरी हेल्थ के बारे में जानकारी प्राप्त करें और अगर संभव हो तो किसी भरोसेमंद एप्लिकेशन से बैटरी की हेल्थ भी चेक कर लें।
5. IMEI नंबर की जांच कर लें: IMEI नंबर हर डिवाइस में अलग-अलग होता है, कोई भी फोन लेने से पहले इसकी अच्छी तरह से जांच कर लें। इससे आपको ये पता चल जाएगा कहीं ये फोन चोरी का तो नहीं है। IMEI नंबर की जांच करने के लिए ऑनलाइन कई प्लेटफार्म उपलब्ध हैं।


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