Apple को 55000 करोड़ का झटका; आखिर क्यों Masimo से लड़ाई उसके सबसे बड़े 'Health Gamble' पर पड़ रही है भारी ?
Apple Watch हमेशा से कंपनी की सबसे सफल प्रोडक्ट लाइनों में रही है, इतनी सफल कि Apple खुद इसे "डॉक्टर ऑन योर रिस्ट" कहता है। लेकिन इस बार स्वास्थ्य फीचर्स ही Apple के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गए हैं।
अमेरिका में एक फेडरल ज्यूरी ने Apple को मेडिकल टेक कंपनी Masimo को लगभग $634 मिलियन (लगभग ₹55,790 करोड़) भरने का आदेश दिया है। आरोप साफ है कि Apple ने Masimo की ब्लड ऑक्सीजन सेंसरिंग तकनीक की नकल की और उसे Apple Watch में लगा दिया। लेकिन असल कहानी इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है।

Masimo की जीत
Masimo का कहना है कि उनकी तकनीक दुनिया भर के अस्पतालों और मेडिकल डिवाइसों में इस्तेमाल होती है। कंपनी ने साफ कहा कि "हमारा इनोवेशन मरीजों की जान बचाने के लिए है, न कि बड़ी टेक कंपनियों द्वारा कॉपी किए जाने के लिए।"
इस फैसले को Masimo अपने हक का सम्मान मानती है। उनके लिए ये फैसला एक मैसेज है, हेल्थ टेक की दुनिया में पेटेंट को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
Apple की नाराजगी
Apple इस फैसले से साफ नाराज है और उसने तुरंत अपील करने का फैसला किया। कंपनी का कहना है कि जिस पेटेंट की बात हो रही है, वह 2022 में ही खत्म हो चुका था। दावा की जा रही तकनीक पुराने मेडिकल मॉनिटरिंग सिस्टम पर आधारित है।
Masimo पिछले कुछ सालों से Apple पर एक के बाद एक 25 से ज्यादा पेटेंट केस कर चुका है, जिनमें से कई खारिज हो चुके हैं। Apple का इशारा साफ है कि यह लड़ाई टेक्नोलॉजी से ज्यादा मार्केट कंट्रोल की है।
Apple Watch यूजर्स के लिए भी बना सिरदर्द
यह मुकदमा सिर्फ कोर्ट रूम में नहीं लड़ा गया कि इसका असर आम यूज़र्स पर भी पड़ा। दिसंबर 2023 में Apple Watch मॉडल्स पर ब्लड ऑक्सीजन सेंसर के चलते बिक्री पर अस्थायी बैन लगा।
जनवरी 2024 में बैन फिर से लागू हुआ। Apple को मजबूरी में नए मॉडल्स से Blood Oxygen फीचर हटाकर बेचने पड़े। यानी कई यूजर्स ने एक ऐसा Watch खरीदा जिसमें एक प्रीमियम हेल्थ फीचर था ही नहीं।
Apple का नया दांव
2025 में Apple ने एक स्मार्ट वर्कअराउंड निकाला कि ब्लड ऑक्सीजन डेटा की प्रोसेसिंग Watch की जगह iPhone में कर दी।
इससे Apple Watch में सेंसर रह सकता है, लेकिन तकनीकी तौर पर वह Masimo की पेटेंटेड तकनीक का उपयोग नहीं करता। Masimo ने इस बदलाव को भी चुनौती दी है और मामला अभी कोर्ट में लंबित है।
क्या Apple Watch का 'Health Future' खतरे
Apple की पूरी हेल्थ स्ट्रैटेजी सेंसर-बेस्ड इनोवेशन पर टिकी है, Heart Rate, ECG, SPO2, Sleep Tracking।
अगर पेटेंट विवाद इसी तरह बढ़ते रहे, तो Apple को फ्यूचर मॉडल्स में फीचर हटाने पड़ सकते हैं। हेल्थ इनोवेशन की रफ़्तार धीमी हो सकती है और मेडिकल इंडस्ट्री के दिग्गज Apple पर और भी सख्त नजर रखेंगे।
यह केस टेक इंडस्ट्री को दिखाता है कि हेल्थ से जुड़े फीचर्स जोड़ना सिर्फ टेक्नोलॉजी की लड़ाई नहीं है, यह मेडिकल पेटेंट और लाइसेंसिंग का भी जटिल खेल है। और फिलहाल इस खेल में Apple को सबसे बड़ा झटका मिला है।


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