सावधान! SIM कार्ड के नाम पर हो रहा है बड़ा फ्रॉड, DoT जारी करता रहता है वॉर्निंग
देशभर के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक जरूरी अलर्ट जारी किया है। डिपार्टमेंट ने हाल ही में ऐसे धोखेबाजों से सतर्क रहने को कहा है जो खुद को सिम कार्ड सर्विस का प्रतिनिधि बताकर स्कैम की कोशिश कर रहे हैं। DoT ने यह चेतावनी अपने ऑफिशियल X (पहले ट्विटर) अकाउंट के जरिए जारी की है। साथ ही, विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी भी प्रकार के संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलते हैं, तो उसकी तुरंत शिकायत करें।

SIM स्वैप फ्रॉड का नया जाल
इन दिनों साइबर ठग 'SIM स्वैप फ्रॉड' का सहारा ले रहे हैं। हाल के दिनों में कई यूजर्स को ऐसे कॉल्स आए हैं, जिनमें खुद को टेलीकॉम डिपार्टमेंट का अधिकारी बताकर उनके सिम कार्ड बंद करने की धमकी दी गई। DoT ने साफ किया है कि दूरसंचार विभाग, TRAI या किसी भी टेलीकॉम कंपनी की ओर से इस तरह का कोई कॉल या मैसेज नहीं भेजा जाता है।
SIM स्वैप फ्रॉड क्या होता है?
आजकल बैंक अकाउंट, सोशल मीडिया प्रोफाइल्स आदि को यूजर्स दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित रखते हैं। यानी कोई भी लेनदेन करने के लिए OTP जरूरी होता है। लेकिन साइबर अपराधी इसी सिस्टम का गलत फायदा उठाते हैं। वे पीड़ित के मोबाइल नंबर पर एक नया सिम कार्ड एक्टिवेट करवा लेते हैं और सभी OTP खुद हासिल कर लेते हैं।
इस प्रक्रिया में वे सोशल इंजीनियरिंग का सहारा लेते हैं, मतलब मीठी बातों या डराकर यूजर से उसकी जानकारी निकालते हैं। जैसे ही नया सिम एक्टिवेट होता है, असली यूजर के पास नेटवर्क चला जाता है और OTP ठग के पास पहुंचने लगते हैं। फिर वे बैंक, सोशल मीडिया या अन्य जरूरी प्लेटफॉर्म्स को एक्सेस कर लेते हैं।
सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं नए नियम
SIM स्वैप फ्रॉड को रोकने के लिए DoT ने हाल ही में नियमों में सख्ती की है। अब बिना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के नया सिम जारी नहीं किया जा सकता है। इतना ही नहीं, नया सिम चालू होने के बाद उसमें 24 घंटे तक SMS सेवा बंद रहेगी, ताकि OTP तुरंत नहीं मिले और फ्रॉड रोका जा सके।
कैसे करें खुद की सिक्योरिटी ?
DoT का कहना है कि स्कैम से बचाव के लिए सबसे जरूरी है सतर्कता। कभी भी अपनी पर्सनल जानकारी जैसे आधार नंबर, OTP, बैंक डिटेल्स, या KYC से जुड़ी जानकारियां किसी अंजान व्यक्ति से साझा न करें।
- सोशल मीडिया पर जानकारी केवल दोस्तों और परिवार तक सीमित रखें।
- किसी अनजान नंबर से कॉल आए तो सचेत रहें, और ऐसी कॉल्स को नजरअंदाज करें।
- किसी भी लिंक को बिना जांचे न खोलें, खासकर अगर वे इनाम, लॉटरी या गिफ्ट का लालच दे रहे हों।
- मोबाइल या कंप्यूटर में एंटीवायरस या सिक्योरिटी ऐप जरूर लगाएं।
कहां करें शिकायत?
यदि आपको कोई फर्जी कॉल या फ्रॉड का शिकार होने की आशंका है, तो आप इसे 1909 या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट कर सकते हैं।
जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे साइबर ठग भी नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में जागरूक रहना ही सबसे बड़ा हथियार है। कोई भी कॉल, मैसेज या ईमेल जो शक पैदा करे, उससे दूरी बनाना ही बेहतर है। याद रखें, आपकी सतर्कता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।


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