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ओप्‍पो स्‍मार्टफोन क्‍यों खरीदें और क्‍यों न खरीदें ?

By Roith

ओप्पो पूरी दुनिया की पॉपुलर स्मार्टफोन निर्माता कंपनी है। 2004 में गुआंगडोंग, चीन में ओप्‍पो की शुरुआत हुई थी। इस समय ओप्‍पो स्मार्टफोन के अलावा स्मार्टवॉच, ब्लूटुथ स्पीकर और मोबाइल एक्सेसरीज भी बनाती है। वैसे अगर आपने कभी ध्‍यान दिया हो तो ओप्‍पो अपने स्‍मार्टफोन में फोटोग्राफी और फास्ट चार्जिंग पर खास ध्‍यान देती है। फिलहाल कंपनी अपने प्रोडेक्‍ट एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व चीन के अलावा भारत बेचती है। चलिए जानते हैं ओप्‍पो के बारे में कुछ और बातें,

ओप्‍पो स्‍मार्टफोन क्‍यों खरीदें और क्‍यों न खरीदें ?

ओप्‍पो में क्‍या है खास

ब्रांड नेम

ओप्पो एक भरोसेमंद और विश्वसनीय ब्रांड है जिसने अपनी क्‍वालिटी और प्रोडेक्‍ट के साथ अच्‍छी सर्विस की बदौलत लोगों के बीच एक नाम बनाया है।

पॉवरफुल ऑप्टिक्स

ओप्पो के स्‍मार्टफोन अपनी कैमरा तकनीक में बेस्‍ट कहे जा सकते हैं। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने के शौकीन लोगों के लिए ओप्‍पो स्‍मार्टफोन किसी हाई-फाई कैमरे से कम नहीं है। फिर चाहे वीवो का X100 Pro हो या फिर वीवो का वी 30 प्रो।

ग्राहकों को अच्छी तरह जानता है

ओप्पो अपने उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को अच्छी तरह समझता है और उसी के हिसाब से अपने प्रोडेक्‍ट बनाता है।

ओप्‍पो क्‍यो नहीं पसंद

फास्‍ट चार्जिंग के नुकसान

गेमिंग और वीडियो वॉच टाइम बढ़ने की वजह से अब यूजर्स को ज्‍यादा बैटरी बैकप वाले फोन पसंद आते हैं लेकिन उसके साथ फास्‍ट चार्जिंग सपोर्ट भी चाहिए, ओप्‍पो के ज्‍यादातर स्‍मार्टफोन में फास्‍ट चार्जिंग का फीचर मिलता है जो एक अच्‍छी बात है लेकिन अगर फोन को लंबे समय पर यूज करना हो शायद यही इनके लिए एक निगेटिव फीचर बन जाता है। जैसे ओप्‍पो के पास 125 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग स्‍पीड तकनीक उपलब्‍ध है, कुछ समय के लिए 20 मिनट में बैटरी को 80 प्रतिशत तक चार्ज करने में कोई परेशानी नहीं है लेकिन लंबे समय तक फास्‍ट चार्जिंग की वजह से बैटरी की क्षमता कम हो जाती है जिसकी वजह से फुल चार्ज होने पर भी वो जल्‍दी डिस्‍चार्ज हो जाएगी। शायद यही कारण है सैमसंग, गूगल और मोटोरोला जैसी कई कंपनियां अपने चुनिंदा स्‍मार्टफोन में फास्‍ट चार्जिंग का फीचर प्रोवाइड करती हैं।

कलर ओएस एक्‍सपीरियंस

ओप्‍पो के स्‍मार्टफोन कलर ओएस पर रन करते हैं जो कंपनी का कस्‍टमाइज ओएस है, इसमें स्‍टॉक एंड्रायड को बदला गया है, फोन की थीम से लेकर कई दूसरे बदलाव भी किए गए हैं, कुल मिलाकर कलर ओएस में स्‍टॉक एंड्रायड के मुकाबले कई दूसरे फीचर्स को जोड़ा गया है लेकिन इसके साथ ब्‍लॉटवेयर भी मिलते है अब सबसे दिक्‍कत वाली बात है इन प्रीइंस्‍टॉल ऐप्‍स को अनइंस्‍टॉल नहीं कर सकते जिसकी वजह से फोन की मैमोरी भी भरी रहती है साथ ही इन ऐप्‍स के नोटिफिकेशन भी परेशान करते हैं।

प्रतिद्वंदी के मुकाबले महंगे प्रोडेक्‍ट

ओप्‍पो के बजट रेंज स्‍मार्टफोन पर अगर आप नजर डाले तो काफी कम मॉडल मिलेंगे, दरअसल ओप्‍पो स्‍मार्टफोन अपने कैपेंन में सेल्‍फी और कैमरा को ज्‍यादा हाईलाइट करता है। अगर सेम स्‍पेसिफिकेशन के साथ दूसरे स्‍मार्टफोन्‍स पर नज़र डालेंगे तो ओप्‍पो के मुकाबले थोड़ी कम पॉकेट ढीली करनी पड़ेगी। मीडियाटेक और क्‍वॉलकॉम जैसी कंपनियों से ओप्‍पो को महंगे प्रोसेसर लेने पड़ते हैं जिसकी वजह से फोन की कुल कीमत में असर पड़ता है।

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English summary
This article examines the pros and cons of OPPO smartphones, highlighting their impressive optics, customer understanding, but also concerns over fast charging, software experience, pricing, and update policy.
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