WhatsApp पर चल रहा नया स्कैम ट्रेंड; फेक RTO चालान भेजकर लूटी जा रही है यूजर्स की जानकारी
भारत में डिजिटल स्कैम्स का जाल लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले जहां लोग सोशल मीडिया जैसे Facebook और Instagram पर ठगी का शिकार हो रहे थे, अब WhatsApp भी साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गया है।
इस बार फ्रॉड का तरीका थोड़ा अलग है, फर्जी "mParivahan चालान" भेजकर लोगों से पैसे और डेटा दोनों लूटा जा रहा है।

क्या है नया Fake RTO Challan Scam?
हाल ही में कई यूजर्स ने शिकायत की है कि उन्हें WhatsApp पर "Traffic Challan" के नाम पर मैसेज मिल रहे हैं। ये संदेश कुछ इस तरह के नंबरों से आ रहे हैं , जैसे +91 82177 88085, जो खुद को e-Parivahan या Traffic Enforcement Department बताता है।
मैसेज में लिखा होता है कि यूजर ने रेड लाइट जंप की या ट्रैफिक नियम तोड़ा, इसलिए उसे ₹1000 का जुर्माना देना होगा। साथ ही एक फर्जी चालान नंबर और डाउनलोड लिंक दिया जाता है, जिसमें दावा किया जाता है कि "वीडियो या फोटो प्रूफ देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।"
असल में, ये लिंक मैलवेयर वेबसाइट्स की ओर ले जाती हैं, जो यूजर के फोन में स्पाइवेयर या वायरस इंस्टॉल कर सकती हैं।
कैसे काम करता है यह WhatsApp RTO Scam?
- फेक नंबर से मैसेज आता है, अक्सर सरकारी विभाग जैसे "Traffic Enforcement" या "MoRTH" के नाम का इस्तेमाल किया जाता है।
- मैसेज में 'Legal Proceedings' या 'Traffic Violation Notice' लिखा होता है, ताकि यह असली लगे।
- यूजर को कहा जाता है कि वीडियो/फोटो प्रूफ देखने के लिए ऐप डाउनलोड करें या लिंक पर क्लिक करें।
- जैसे ही यूजर क्लिक करता है, उसका फोन मैलवेयर साइट पर पहुंच जाता है, जहां से डेटा चोरी शुरू होती है।
- स्कैमर्स की भाषा इतनी प्रोफेशनल होती है कि कई यूजर्स धोखा खा जाते हैं।
यह सुनने में बिल्कुल सरकारी नोटिस जैसा लगता है, जबकि असल में यह AI जनरेटेड या कॉपी-पेस्ट किया हुआ फेक टेक्स्ट होता है।
कैसे बचे इस WhatsApp चालान स्कैम से?
1. असली चालान सिर्फ सरकारी वेबसाइट पर मिलता है:
Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) या mParivahan कभी भी WhatsApp पर चालान नहीं भेजते।
आपको अगर कोई मैसेज मिलता है, तो हमेशा https://echallan.parivahan.gov.in/
पर जाकर ही वेरिफाई करें।
2. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें:
भले ही मैसेज कितना भी भरोसेमंद लगे, अगर वो WhatsApp पर आया है तो सीधे डिलीट करें।
3. ऐप डाउनलोड करने से बचें:
ऐसे फर्जी मैसेज में दिए गए "App Download" लिंक से मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जो बैंकिंग या पर्सनल डेटा चोरी कर सकता है।
4. प्रोफाइल पिक्चर और नंबर पर ध्यान दें:
अक्सर स्कैमर्स फर्जी सरकारी लोगो या इमोजी का इस्तेमाल करते हैं।
5. तुरंत रिपोर्ट करें:
अगर ऐसा कोई मैसेज मिलता है, तो उसे cybercrime.gov.in या WhatsApp Report पर तुरंत रिपोर्ट करें।
AI और डेटा लीक के युग में बढ़ते स्मार्ट स्कैम
इस स्कैम की सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब AI टूल्स के जरिए फर्जी सरकारी नोटिफिकेशन, चालान नंबर और वेबसाइट डिजाइन तक तैयार किए जा रहे हैं।
जहां पहले ठगों को गलत लिंक बनाना मुश्किल होता था, वहीं अब वे कुछ ही मिनटों में रियलिस्टिक mParivahan जैसी साइट्स बना लेते हैं।
इसलिए, डिजिटल इंडिया के इस दौर में यूजर्स को अब सिर्फ "फेक न्यूज" नहीं, बल्कि "फेक नोटिस" से भी सावधान रहना होगा।
WhatsApp अब सिर्फ चैटिंग का प्लेटफॉर्म नहीं रहा, यह साइबर फ्रॉड का नया अड्डा बनता जा रहा है। अगर आप भी कोई चालान मैसेज या कानूनी नोटिस WhatsApp पर पाते हैं, तो बिना क्लिक किए उसे डिलीट करें और रिपोर्ट करें। याद रखें असली सरकार कभी WhatsApp पर चालान नहीं भेजती, फर्जी स्कैमर जरूर भेजता है।


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