क्या आपको भी लगता है स्मार्टफोन से जुड़ी ये बातें सच हैं?
स्मार्टफोन ने धीरे धीरे हमारी लाइफ में अपनी मजबूत जगह बना ली है। समय के साथ स्मार्टफोन के बिना लाइफ इमेजिन करना मुश्किल होता जा रहा है। लेकिन आय दिन स्मार्टफोन से जुड़े कई बातें हम सुनते रहते हैं जो कि इनकी काफी अलग इमेज बनाते हैं।
स्मार्टफोन हो या कुछ और हर चीज से रिलेटेड कुछ न कुछ बातें, अफवाहें फैलती ही रहती हैं, हालाँकि इनमें से कुछ सही भी हो सकती हैं। लेकिन कई बातें केवल अफवाहें होती हैं। चलिए नज़र डालते हैं स्मार्टफोन से जुड़ी ऐसी ही कुछ 10 बातों पर।
#1
कई बार आपने यह सुना होगा कि बैकग्राउंड में चल रही एप्स को हटाने से बैटरी सेव होती है। बल्कि बार ऐसा करने से बैटरी पर लोड पड़ सकता है।
#2
यह भी काफी आम है, कई लोगों का मानना है कि फोन को चार्ज करने से पहले उसे पूरी तरह खत्म होने देना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हैं, अब मार्केट में ज्यादातर li-ion बैटरी आतिहैन, जो कि तभी सही काम करती हैं जब चार्ज रहती हैं।
#3
यदि आपके स्मार्टफोन में बेहतर रैम है, 4जीबी या 6जीबी तो इसका मतलब यह नहीं कि फोन भी कमाल होगा। यह डिवाइस पर निर्भर करता है। जब तक आप उसके रिव्यु आदि न देख लें तब कोई निर्णय न लें।
#4
हर कोई कहता है कि फोन के साथ जो चार्जर मिला है वही सही है, कोई दूसरा चार्जर फोन ख़राब कर सकता है। ऐसा नहीं है! कोई भी चार्जर जो फोन के साथ कम्पेटिबल है वो फोन के लिए सही होता है।
#5
अधिक्तर लोग ऐसा करते हैं, रातभर फोन को चार्जिंग पर लगा दिया और फोन फुल चार्ज हो जाता है। फिर पूरा दिन आप उसे इस्तेमाल करते हैं, बस ये ही होता है। आप जैसा करते हैं वैसा ही कीजिए, ऐसा करने से कुछ ख़राब नहीं होता है। आज के चार्जिंग सिस्टम काफी स्मार्ट है।
#6
कई लोगों का मानना है कि फोन की ब्राइटनेस कम रखने से या ऑटोमेटिक रखने से वह बैटरी कम खर्चता है। लेकिन ऐसा नहीं है।
#7
स्मार्टफोन में हम क्या करते हैं, दोस्तों से चैटिंग, फेसबुक, वीडियो, इंस्टाग्राम, जो भी हो बड़ी स्क्रीन पर ही अच्छा लगता है। तो ऐसा बिलकुल नहीं है कि लोगों को केवल छोटा फोन पसंद है जो कि हैंडी होता है। आज का ज़माना लार्ज स्क्रीन का है।
#8
कहा जाता है कि एंड्रायड सेफ नहीं है क्योंकि यह एक ओपन सोर्स है, लेकिन ऐसा नहीं है। एंड्रायड सेफ है। हां! गूगल प्ले स्टोर में मौजूद एप्स सेफ है या नहीं इसकी गारंटी नहीं है।
#9
सबकुछ बैटरी से ही रिलेटेड है, है न? लेकिन नहीं! ब्लूटूथ आपको फाइल शेयर करने देता और इससे बैटरी अधिक खर्च नहीं होती है।
#10
कई लोग सोचते हैं कि फोन ऑफ है तो ट्रैक नहीं किया जा सकता है। लेकिन आपको बता दें कि फोन में दो ऑपरेटिंग सिस्टम होते हैं, एक जो आपका सेल्युलर सिस्टम मैनेज करता है और दूसरा प्रोसेसिंग और सॉफ्टवेयर को। यदि आप एक ऑफ कर भी दें तो सेल्युलर ऑन रहता है, और आप आसानी से ट्रैक किए जा सकते हैं।


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