Apple यूजर्स सावधान! CERT-In ने जारी की चेतावनी, iPhone और MacBooks पर मंडरा रहा खतरा
भारत में Apple डिवाइस का इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए एक अहम अलर्ट जारी किया गया है। कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने Apple प्रोडक्ट्स में एक नई खामी (vulnerability) की पहचान की है, जिसे हैकर्स अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
यह बग न केवल डिवाइस की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है, बल्कि सर्विस बंद होने, ऐप क्रैश और मेमोरी करप्शन जैसी गंभीर समस्याएँ भी पैदा कर सकता है।

किन-किन Apple डिवाइस पर है असर?
CERT-In की रिपोर्ट के मुताबिक यह खतरा कई ऑपरेटिंग सिस्टम वर्ज़न को प्रभावित कर रहा है। इनमें शामिल हैं:
- iOS / iPadOS: 18.7.1 से पहले के वर्ज़न
- iOS / iPadOS: 26.0.1 से पहले के वर्ज़न
- macOS Tahoe: 26.0.1 से पहले
- macOS Sequoia: 15.7.1 से पहले
- macOS Sonoma: 14.8.1 से पहले
- visionOS: 26.0.1 से पहले
इसका मतलब यह है कि iPhone, iPad, MacBook और Apple Vision Pro जैसे सभी डिवाइस जो पुराने वर्जन पर चल रहे हैं, इस खामी से प्रभावित हो सकते हैं।
क्या हो सकता है नुकसान?
यह खामी FrontParser कंपोनेंट में पाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें out-of-bounds write issue मौजूद है, जिसकी मदद से एक रिमोट अटैकर डिवाइस को नुकसान पहुँचा सकता है। अगर कोई यूज़र ऐसा फॉन्ट इस्तेमाल करता है जो maliciously crafted (जानबूझकर खराब कोड वाला) हो, तो सिस्टम की मेमोरी करप्ट हो सकती है।
इससे होने वाले संभावित नुकसान
- डिवाइस का अचानक काम करना बंद कर देना (Denial of Service)
- प्रोसेस अस्थिर होना या लगातार क्रैश करना
- ऐप्स का बार-बार बंद होना
- डाटा मैनिपुलेशन यानी डेटा से छेड़छाड़
भले ही इसे मीडियम-लेवल रिस्क बताया गया है, लेकिन किसी भी बिज़नेस या पर्सनल यूज़र के लिए यह खतरा गंभीर साबित हो सकता है।
कौन हैं टारगेट?
CERT-In ने साफ किया है कि यह खामी किसी भी व्यक्ति या संगठन को निशाना बना सकती है, जो ऊपर बताए गए वर्ज़न वाले डिवाइस का इस्तेमाल कर रहा है। साइबर हमलावर इस बग का फायदा उठाकर डेटा चोरी, ऐप क्रैश या डिवाइस फ्रीज़ जैसी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं।
कैसे करें बचाव?
- सबसे अहम कदम है-अपने डिवाइस को तुरंत अपडेट करें।
- अगर आप iPhone या iPad इस्तेमाल करते हैं तो iOS का लेटेस्ट वर्ज़न इंस्टॉल करें।
- MacBook यूजर्स macOS अपडेट करें।
- Vision Pro या अन्य Apple डिवाइस को भी समय पर अपडेट करते रहें।
इसके अलावा, जिन यूज़र्स को मैन्युअली अपडेट करने में दिक्कत होती है, वे Automatic Updates ऑन कर लें। इससे डिवाइस हमेशा लेटेस्ट वर्ज़न पर रहेगा और सुरक्षा खामियों से काफी हद तक बचा रहेगा।
निष्कर्ष
CERT-In की यह चेतावनी इस बात की याद दिलाती है कि कोई भी टेक्नोलॉजी पूरी तरह सुरक्षित नहीं होती। हैकर्स अक्सर पुराने वर्ज़न में मौजूद कमजोरियों को निशाना बनाते हैं। ऐसे में Apple यूज़र्स को चाहिए कि वे अपने डिवाइस को समय-समय पर अपडेट करते रहें। वरना, मामूली-सी लापरवाही भी बड़े साइबर खतरे का कारण बन सकती है।


Click it and Unblock the Notifications








